दक्षिण एशिया मामलोंकी विशेषज्ञ अपर्णा पांडे। / IANS
पिछले एक साल में अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों की तस्वीर भले ही बेहतर दिख रही हो और दोनों देशों के बीच ऊंचे स्तर पर बातचीत भी बढ़ी हो, लेकिन असल में रिश्तों की बुनियाद में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया है। दक्षिण एशिया की विशेषज्ञ अपर्णा पांडे ने यह बात कही। उनका कहना है कि अभी तक ज्यादातर बदलाव प्रतीकात्मक हैं, जमीन पर न तो आर्थिक और न ही सैन्य स्तर पर पाकिस्तान को खास फायदा मिला है।
पाकिस्तान इस हफ्ते वॉशिंगटन में होने वाली ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में हिस्सा लेने जा रहा है। इस बैठक को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुलाया है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इसमें शामिल होंगे। इस दौरे को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बेहतर होते रिश्तों के सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है।
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