वीडियो से ली गई तस्वीर / X/@RapidResponse47
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ नया युद्धविराम शुरू होते ही दबाव में आ गया है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इसे नाजुक युद्धविराम बताया है और कहा कि तेहरान के अंदरूनी मतभेद इसे प्रभावित कर रहे हैं।
बुडापेस्ट में एक कार्यक्रम के दौरान वेंस ने कहा कि यह समझौता हाल ही में हुआ है और यह सिर्फ संघर्ष में एक अस्थायी रोक है। उन्होंने कहा कि यह वही आधार है जिस पर यह नाजुक युद्धविराम टिका है। यह समझौता केवल 8 से 12 घंटे पुराना है।
यह युद्धविराम अमेरिका की ओर से ईरान को दिए गए अल्टीमेटम के बाद हुआ। इसमें ईरान से कहा गया था कि वह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग खोल दे और वैश्विक व्यापार में बाधा डालने वाली गतिविधियां रोके।
उन्होंने कहा कि इसी कारण मैं इसे नाजुक युद्धविराम कह रहा हूं। वेंस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत करने वालों को निर्देश दिया था कि अगर ईरान समुद्री मार्ग खोलता है तो युद्धविराम किया जाएगा।
इस समझौते के तहत ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग खोलने पर सहमति दी। इसके बदले अमेरिका और उसके सहयोगियों ने सैन्य हमले रोक दिए।
उन्होंने कहा कि ईरान ने जलमार्ग खोलने पर सहमति दी है और अमेरिका ने हमले रोक दिए हैं। वेंस ने कहा कि युद्धविराम से पहले ही अमेरिका अपना सैन्य लक्ष्य हासिल कर चुका था। राष्ट्रपति का लक्ष्य ईरानी सेना को कमजोर करना था और वह लक्ष्य हासिल हो चुका है।
हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान के अंदर नेतृत्व के बीच मतभेद स्थिति को जटिल बना रहे हैं। ईरान के भीतर कुछ लोग समझौते के पक्ष में हैं जबकि कुछ लोग इसके बारे में गलत जानकारी दे रहे हैं। वे समझौते और युद्धविराम की प्रकृति के बारे में झूठ बोल रहे हैं।
वेंस ने कहा कि यही वजह है कि यह युद्धविराम कमजोर है और अगर सावधानी नहीं बरती गई तो टूट सकता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत जारी रखने के निर्देश दिए हैं, लेकिन धैर्य सीमित है। राष्ट्रपति ने हमें ईमानदारी से बातचीत करने को कहा है।
उन्होंने कहा कि अगर ईरान सही तरीके से बातचीत करता है तो बड़ा समझौता संभव है। अगर वे ईमानदारी से बातचीत करेंगे तो समझौता हो सकता है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बातचीत विफल होती है तो अमेरिका के पास कई विकल्प हैं। अगर वे झूठ बोलेंगे या धोखा देंगे तो उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास सैन्य, कूटनीतिक और आर्थिक ताकत मौजूद है। फिलहाल यह युद्धविराम तनाव के बीच एक छोटा मौका है। वेंस ने कहा कि आगे क्या होगा यह पूरी तरह ईरान के रवैये पर निर्भर करेगा। आखिरकार यह ईरान पर निर्भर करता है कि वह कैसे बातचीत करता है। मुझे उम्मीद है कि वे सही फैसला लेंगे।
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