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सिविल राइट्स यूनिट में बड़ा फेरबदल, हरमीत ढिल्लों ने दर्जनभर अटॉर्नी बदले : सूत्र

इस बदलाव से वाकिफ एक पूर्व कर्मचारी ने बताया, 'वो सिविल राइट्स डिवीजन को खत्म करने वाले हैं। अब इसका सिर्फ एक ही काम होगा - उन लोगों को निशाना बनाना जिनकी रक्षा के लिए इसे बनाया गया था।'

 असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लों। असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लों। / Dhillon Law Group

अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट ने अपने सिविल राइट्स यूनिट से लगभग एक दर्जन सीनियर अटॉर्नी को दूसरी जगह पोस्टिंग दे दी है। ये बात 22 अप्रैल को चार सूत्रों ने बताई। ये सब प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रम्प के एडमिनिस्ट्रेशन के इस डिवीजन को उसके पुराने कामों से हटाने की कोशिश का हिस्सा है।

तीन सीनियर अटॉर्नी को दूसरी जिम्मेदारियां दी गई हैं। ये अटॉर्नी पुलिस के अत्याचार, वोटिंग और डिसेबिलिटी राइट्स के उल्लंघन की जांच करने वाले दफ्तरों में काम करते थे। इन लोगों ने अपनी पहचान गुप्त रखने की शर्त पर ये जानकारी दी। कई और बदलाव भी हुए हैं। कम से कम नौ और अटॉर्नियों को दूसरी जगह भेजा गया है या उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जो एम्प्लॉयमेंट या एजुकेशनल डिस्क्रिमिनेशन, जेलों में हो रहे ज़ुल्म और वोटिंग राइट्स के मामलों की जांच कर रहे थे। 

1957 में सिविल राइट्स एक्ट के बाद बनाया गया ये डिवीजन शुरू में अफ्रीकी-अमेरिकियों के वोटिंग राइट्स की सुरक्षा पर फोकस करता था। धीरे-धीरे, कांग्रेस ने इसके कामों में बढ़ोतरी कर दी। और अब ये जाति, राष्ट्रीयता, लिंग, डिसेबिलिटी, धर्म, सेक्शुअल ओरिएंटेशन, जेंडर आइडेंटिटी और मिलिट्री स्टेटस के आधार पर भेदभाव से लोगों की रक्षा करता है।

ये सब बदलाव ट्रम्प के चुने हुए असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल हरमीत ढिल्लों के फैसले बताए जा रहे हैं। इस डिवीजन ने पुलिस के जुल्म की जांच रोक दी है। पहली बार ये जांच शुरू की है कि क्या लॉस एंजिल्स ने गन राइट्स के कानूनों का उल्लंघन किया है। ट्रम्प की तरह, इसने ट्रांसजेंडर राइट्स पर अपना रुख बदल दिया है और अमेरिकी कॉलेजों में फिलिस्तीनी समर्थकों के कथित एंटीसेमिटिज्म की जांच कर रही है।

ढिल्लों ने रॉयटर्स को दिए एक बयान में कहा, 'जब मैंने असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल का पद संभाला, तो मुझे पता चला कि सिविल राइट्स के कुछ सेक्शन में बहुत सारे केस पेंडिंग थे। इसलिए अस्थायी तौर पर कुछ लोगों को वहां मदद के लिए भेजा गया है।' 

दो सूत्रों और रॉयटर्स को मिले इंटरनल मेमो के मुताबिक, डिवीजन के कर्मचारियों को डिफर्ड रेजिग्नेशन ऑफर लेने के लिए भी कहा जा रहा है। ढिल्लों ने कहा कि ये ऑफर पूरी सरकार में दिया जा रहा है और लोगों को अपने पैशन को आगे बढ़ाने का एक खास, उदार और स्वैच्छिक मौका देता है। उन्होंने कर्मचारियों पर हुए बदलावों की अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया।

सीनियर अटॉर्नियों को अब पब्लिक रेकॉर्ड के रिक्वेस्ट या इंटरनल डिस्क्रिमिनेशन शिकायतों को देखने का काम दिया गया है। पिछले हफ्ते भेजे गए ईमेल में, ढिल्लों ने सिविल राइट्स डिवीजन के हर सेक्शन को नया 'मिशन स्टेटमेंट' दिया है। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि ये आगे के लिए हमारी उम्मीदों को परिभाषित करेगा। 

रॉयटर्स को मिले एक ईमेल के मुताबिक, एजुकेशनल अपॉर्च्युनिटीज सेक्शन को बताया गया है कि उनका काम लड़कियों और महिलाओं को खेल कार्यक्रमों में बिना किसी रुकावट के हिस्सा बनने का अधिकार देना है, जिसमें पुरुषों की भागीदारी या उपस्थिति को मना किया गया हो। इमीग्रेंट और एम्प्लॉयी राइट्स सेक्शन को कहा गया है कि उन्हें उन कंपनियों की जांच करनी चाहिए जो अमेरिकी कामगारों के साथ विदेशी वीजा कामगारों के पक्ष में गैर-कानूनी भेदभाव करती हैं। 

इस बदलाव से वाकिफ एक पूर्व कर्मचारी ने रॉयटर्स को बताया, 'वो सिविल राइट्स डिवीजन को खत्म करने वाले हैं। अब इसका सिर्फ एक ही काम होगा - उन लोगों को निशाना बनाना जिनकी रक्षा के लिए इसे बनाया गया था।'

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