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फरवरी वीजा बुलेटिन: भारतीयों के लिए ग्रीन कार्ड पर अपडेट, जानें कट-ऑफ डेट

वीजा बुलेटिन के अनुसार, भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा सूची में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर / IANS

यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज (USCIS) ने पुष्टि की है कि फरवरी 2026 में रोजगार-आधारित और पारिवारिक दोनों श्रेणियों के लिए 'डेट्स फॉर फिलिंग' चार्ट का उपयोग किया जाएगा। इसका मतलब है कि जिन आवेदकों की प्रायोरिटी डेट इस चार्ट की तारीख से पहले की है, वे अपना एडजस्टमेंट ऑफ स्टेटस (I-485) आवेदन जमा कर सकते हैं।

रोजगार-आधारित श्रेणियां 
वीजा बुलेटिन के अनुसार, भारतीय पेशेवरों के लिए ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा सूची (Backlog) में कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं आया है। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, EB-1 (Priority Workers) के लिए कट-ऑफ डेट 1 अगस्त 2023 पर स्थिर है, जबकि EB-2 (Advanced Degree) और EB-3 (Skilled Workers) की तारीखें क्रमशः 1 दिसंबर 2013 और 15 अगस्त 2014 पर टिकी हुई हैं। सबसे महत्वपूर्ण अपडेट EB-4 (Religious Workers) श्रेणी को लेकर है, जहां विधायी अनिश्चितता के कारण 'नॉन-मिनिस्टर' कार्यक्रम को बुलेटिन में फिलहाल 'Unavailable' (अस्थायी रूप से बंद) दिखाया गया है, हालांकि कांग्रेस द्वारा इसके विस्तार की प्रक्रिया जारी है। वहीं, EB-5 (Investors) के लिए अनरिजर्व्ड श्रेणी की तारीख 1 मई 2024 बनी हुई है, जो निवेशकों के लिए स्थिर स्थिति का संकेत देती है।

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परिवार-आधारित श्रेणियां 
वीजा बुलेटिन के अनुसार, भारतीय नागरिकों के लिए परिवार-आधारित श्रेणियों में ग्रीन कार्ड की प्रतीक्षा सूची लगभग स्थिर बनी हुई है, जिसमें केवल F-2A श्रेणी (ग्रीन कार्ड धारकों के पति/पत्नी और बच्चे) में मामूली सुधार देखा गया है और इसकी तारीख 22 जनवरी 2026 तक पहुँच गई है। अन्य श्रेणियों में कोई बदलाव नहीं हुआ है; जहाँ F-1 (अमेरिकी नागरिकों के अविवाहित पुत्र/पुत्रियां) की कट-ऑफ डेट 1 सितंबर 2017 और F-2B (ग्रीन कार्ड धारकों के वयस्क अविवाहित बच्चे) की तारीख 15 मार्च 2017 पर टिकी हुई है, वहीं F-3 (विवाहित पुत्र/पुत्रियां) के लिए 22 जुलाई 2012 और F-4 (भाई-बहन) श्रेणी के लिए 15 दिसंबर 2006 की पुरानी तारीखें ही बरकरार हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय वर्ष के मध्य में वीजा आवंटन की स्थिति काफी अस्थिर रहती है। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी प्रायोरिटी डेट के अनुसार समय पर आवेदन फाइल करें ताकि भविष्य में होने वाले किसी भी 'रिट्रोग्रेशन' (तारीखों के पीछे जाने) से बचा जा सके।

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