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दिग्गज भारतीय उद्योगपति रतन टाटा की विरासत उनके सौतेले भाई संभालेंगे, इनके बारे में जान लें

 नोएल टाटा (बाएं) रतन टाटा के सौतेले भाई हैं।  नोएल टाटा (बाएं) रतन टाटा के सौतेले भाई हैं। / X tatatrusts

भारत के मशहूर दिवंगत उद्योगपति रतन टाटा की विरासत को अब उनके सौतेले भाई नोएल टाटा संभालेंगे। टाटा ट्रस्ट के बोर्ड की शुक्रवार शाम हुई बैठक में सर्वसम्मति से ये फैसला लिया गया।

नोएल टाटा को रतन टाटा की जगह पर परोपकारी संस्थानों के समूह का तुरंत प्रभाव से अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया जिसका 165 अरब डॉलर के टाटा ग्रुप पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण है। रतन अपनी मृत्यु तक टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष थे। समूह की होल्डिंग कंपनी टाटा संस में इसकी लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

टाटा संस बाजार पूंजीकरण के लिहाज से भारत की दूसरी सबसे बड़ी कंपनी आईटी दिग्गज टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और ब्रिटिश लक्जरी कार निर्माता जगुआर लैंड रोवर की मालिक टाटा मोटर्स जैसी कंपनियों में सबसे बड़ा शेयरधारक है।



नोएल टाटा की नियुक्ति संबंधी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सर्वसम्मति से नोएल नवल टाटा को टाटा ट्रस्ट का गठन करने वाले विभिन्न ट्रस्टों का अध्यक्ष नियुक्त करने और उन्हें अध्यक्ष के रूप में नामित करने का निर्णय लिया गया है। उनकी नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

नोएल दशकों से टाटा ग्रुप से जुड़े हैं। वह सार्वजनिक रूप से समूह के एक सफल अपैरल रिटेलर ट्रेंट के अध्यक्ष हैं। नोएल टाटा ने एक बयान में कहा कि वह इस जिम्मेदारी से बेहद सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहे हैं और वह अपने सौतेले भाई की विरासत को आगे ले जाने के लिए उत्सुक हैं।

टाटा ट्रस्ट की स्थापना 1892 में हुई थी। टाटा ब्रांड के तहत आने वाली सूचीबद्ध कंपनियों के रोजमर्रा के कामकाज में इसकी कोई सीधी भूमिका नहीं है।  टाटा संस ही समूह की रणनीति की जिम्मेदारी संभालता है। वर्तमान में अध्यक्ष एन. चंद्रशेखरन है, जिन्हें 2017 में नियुक्त किया गया था।

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