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भारतीय मूल की वर्षा देशपांडे को मिला UN पॉपुलेशन अवॉर्ड

भारतीय मूल की वर्षा देशपांडे को उनके लैंगिक भेदभाव के मामलों में न्याय के लिए किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया है।

 वर्षा देशपांडे पिछले कई दशकों से लैंगिग असमानता के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं। वर्षा देशपांडे पिछले कई दशकों से लैंगिग असमानता के खिलाफ संघर्ष कर रही हैं। /

भारतीय महिला अधिकार कार्यकर्ता वर्षा देशपांडे यूएस में दलित महिला विकास मंडल की संस्थापक हैं। वे वर्ष 1990 में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही हैं। इसके साथ ही उन्होंने भारत में दलित महिलाओं के जीवन को बेहतर बनाने के लिए की थी। देशपांडे को लैंगिक हिंसा, सामाजिक भेदभाव और असमानता को दूर करने के उनके पहल के जाना जाता है। उनकी संस्था दलित महिला विकास मंडल ने बाल विवाह को समाप्त करने, महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, महिलाओं के लिए संपत्ति अधिकार के लिए संयुक्त संपत्ति पंजीकरण को बढ़ावा देने समेत कई अहम पहल को मजबूती के साथ बढ़ावा दिया।

देशपांडे के कार्यों के लिए उन्हें व्यक्तिगत श्रेणी में 2025 का संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या पुरस्कार प्रदान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने 14 जुलाई को इसकी घोषणा की है।

 

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