Sandhya Rao / Courtesy: LinkedIn
भारतीय-अमेरिकी रिसर्च प्रोफेसर संध्या राव को यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग का 2026 का 'चांसलर्स डिस्टिंग्विश्ड टीचिंग अवार्ड' मिला है। राव उन सोलह 'पिट' फैकल्टी सदस्यों में से एक थीं, जिन्हें इस साल सार्वजनिक सेवा, रिसर्च और टीचिंग की श्रेणियों में सम्मानित किया गया। यूनिवर्सिटी ने बताया कि हर विजेता को 2,000 अमेरिकी डॉलर का नकद इनाम और उनके पेशेवर काम में मदद के लिए 3,000 अमेरिकी डॉलर का ग्रांट मिलता है।
पुरस्कार प्रशस्ति पत्र के अनुसार, राव को खगोल विज्ञान की शिक्षा में लगातार और रचनात्मक नवाचार के लिए, जिसमें सामान्य शिक्षा के माध्यम से छात्रों को इस विषय से जोड़ने पर विशेष ज़ोर और प्रभाव रहा है, और अंडरग्रेजुएट और ग्रेजुएट छात्र शोधकर्ताओं को गहन व्यक्तिगत सलाह देने के लिए सम्मानित किया गया।
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उनकी रिसर्च आकाशगंगाओं के विकास पर केंद्रित है, जिसका अध्ययन 'क्वेसर एब्ज़ॉर्प्शन लाइन्स' के ज़रिए किया जाता है; विशेष रूप से 'डैम्प्ड लाइमैन अल्फा' (DLA) प्रणालियों के गुणों पर, जो 'क्वेसर स्पेक्ट्रा' में देखी जाने वाली सबसे मज़बूत हाइड्रोजन एब्जॉर्प्शन लाइन्स हैं।
राव ने 1994 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ पिट्सबर्ग से अपनी Ph.D. पूरी की थी। तब से वे 'पिट' में ही हैं, और रिसर्च तथा शिक्षण भूमिकाओं में आगे बढ़ते हुए, वे अब 'रिसर्च प्रोफ़ेसर' के मौजूदा पद पर हैं। ये पुरस्कार 31 मार्च को 'फैकल्टी ऑनर्स कॉन्वोकेशन' में दिए जाएंगे।
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