पारुल खोसला / image provided
अमेरिका की शीर्ष स्पोर्ट्स और मीडिया कंपनियों के चमकदार कॉरपोरेट दफ्तरों में दशकों से एक अलिखित नियम चलता आया है- आपका रिज्यूमे जरूरी है, लेकिन आपका नेटवर्क उससे भी ज्यादा। दक्षिण एशियाई मूल की पारुल खोसला के लिए, जो एक दशक से ज्यादा समय तक पुरुष-प्रधान गलियारों में काम करती रहीं, यह “हिडन जॉब मार्केट” सिर्फ़ एक बाधा नहीं था, बल्कि बदलाव की पुकार थी।
डिज्नी और मैडिसन स्क्वेयर गार्डन (MSG) जैसी दिग्गज कंपनियों में टैलेंट लीडर रह चुकीं पारुल ने नजदीक से देखा कि कैसे काबिलियत कई बार “वॉर्म इंट्रोडक्शन” के आगे पीछे छूट जाती है। आज वह उसी गेटकीपिंग को तोड़ने के मिशन पर हैं। स्टार्टअप Arena की को-फाउंडर और सीईओ के तौर पर पारुल टेक्नोलॉजी की मदद से स्पोर्ट्स और मीडिया इंडस्ट्री में पुरानी व्यवस्थाओं को बदल रही हैं।
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Arena एक क्यूरेटेड, रेफ़रल-ड्रिवन इकोसिस्टम है, जो हाई-स्टेक नेटवर्किंग को ठोस करियर ब्रेकथ्रू में बदलने के लिए बनाया गया है। इसके साथ ही पारुल South Asians in Sports की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी हैं, जहां वह उस समुदाय के लिए काम कर रही हैं, जिसे लंबे समय तक हाशिये पर रखा गया। 2024 की LinkedIn Top Voice रहीं पारुल आज कॉरपोरेट एग्जीक्यूटिव से स्टार्टअप लीडर बनने की यात्रा में यह साबित कर रही हैं कि प्रोफेशनल मोबिलिटी के खेल में अब मैदान बराबर होना चाहिए।
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