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कदमों से अंटार्कटिका नापने निकले अक्षय नानावटी, जज्बे की मिसाल है ये भारतीय-अमेरिकी

इस मिशन को पूरा करने के लिए अक्षय करीब चार महीनों तक, अकेले ही अकल्पनीय मुश्किलों का सामना करेंगे।

 भारतीय मूल के अक्षय नानावटी अमेरिकी सेना में मरीन रह चुके हैं। भारतीय मूल के अक्षय नानावटी अमेरिकी सेना में मरीन रह चुके हैं। / Credit- Fearvana

भारतीय मूल के पूर्व अमेरिकी मरीन और ग्लोबल एडवेंचरर अक्षय नानावटी इन दिनों अनोखे सफर पर निकले हैं। वह अकेले ही बर्फ से जमे अंटार्कटिका में 1,700 मील की स्की यात्रा तय कर रहे हैं। 

अक्षय ऐसी उपलब्धि हासिल करने का प्रयास कर रहे हैं, जिसके बारे में अब से पहले किसी ने प्रयास नहीं किया। वह बिना किसी सपोर्ट के, काइट्स और डॉग्स का सहारा लिए बिना, अकेले ही समुद्र के रास्ते अंटार्कटिका को पार करने के मिशन में जुटे हैं। अगर वह कामयाब हुए तो बिना किसी सपोर्ट के अकेले ही सबसे लंबा स्की अभियान पूरा करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगे। 

इस मिशन को पूरा करने के लिए अक्षय करीब चार महीनों तक, अकेले ही अकल्पनीय मुश्किलों का सामना करेंगे। इस दौरान उन्हें माइनस 40 डिग्री फ़ारेनहाइट तापमान में, तेज बर्फीले तूफानों के बीच धरती के सबसे ठंडे, सबसे शुष्क पर पूरी तरह से अकेले रहकर समय बिताना होगा। 

इस असंभव से लगने वाले मिशन को  पूरा करने का अक्षय का दृढ़ संकल्प उन्हें अपनी जिंदगी में विपरीत हालात पर काबू पाने से मिला है। उन्होंने इराक में बमों का पता लगाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली है। नशीली दवाओं और शराब की लत के कारण एक समय वह आत्महत्या के कगार तक पहुंच गए थे। कई मेडिकल चुनौतियों के बावजूद उन्होंने असाधारण रास्ता तय किया है।

उन्होंने कई चौंकाने वाली उपलब्धियां हासिल की हैं, जिनमें एक स्कूल को मदद देने के लिए लाइबेरिया में 167 मील तक दौड़ने, बर्फ से ढकी चोटियों पर चढ़ाई और अल्ट्रा-मैराथन पूरा करना शामिल है। उन्होंने अपना ग्लोबल ब्रांड फियरवाना की स्थापना भी की है। उन्होंने     किताब भी लिखी है। 

अंटार्कटिका के इस महत्वाकांक्षी अभियान पर करीब 7.5 लाख डॉलर का खर्च आने का अनुमान है। अक्षय 3 लाख डॉलर पहले ही खर्च कर चुके हैं। इसमें कस्टम-मेड स्लेज के लिए 11,000 डॉलर शामिल हैं। अक्षय ने अपने समर्थकों से इस मिशन के लिए दान देने का आह्वान किया है ताकि यह ऐतिहासिक प्रयास कामयाब हो सके। 

अक्षय अपनी कामयाबी का श्रेय माइकल जॉर्डन, कोबे ब्रायंट और डैनियल डे-लुईस जैसे विश्व स्तरीय परफॉर्मर्स द्वारा इस्तेमाल की गई तकनीकों को देते हैं। उनका संदेश साफ है, कोई भी व्यक्ति अपने डर पर काबू पाकर ही असाधारण लक्ष्यों को प्राप्त कर सकता है।

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