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कूटनीति में माहिर श्रीनिवास गोत्रु देंगे आसियान से रिश्तों को नई पहचान, भारत ने बनाया राजदूत

आसियान में भारत के मौजूदा राजदूत जयंत खोबरागड़े को पोलैंड में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है।

 श्रीनिवास गोत्रु अभी विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं।  श्रीनिवास गोत्रु अभी विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव हैं। / X Srinivas Gotru

भारतीय विदेश सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी श्रीनिवास गोत्रु को दक्षिण पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ (ASEAN) में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। वह राजदूत जयंत एन. खोबरागड़े की जगह लेंगे, जो नई राजनयिक भूमिका संभालने वाले हैं।

1997 बैच के आईएफएस अधिकारी श्रीनिवास गोत्रु इस वक्त भारतीय विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। कूटनीति में विशिष्ट अनुभव रखने वाले गोत्रू ने इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्हें बहुपक्षीय संबंधों में व्यापक विशेषज्ञता है।

गोत्रु की नियुक्ति को आसियान के साथ संबंधों को मजबूत बनाने के महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है जो क्षेत्रीय सहयोग के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

आसियान में भारत के मौजूदा राजदूत जयंत खोबरागड़े को पोलैंड में भारत का अगला राजदूत नियुक्त किया गया है। 1995 बैच के आईएफएस खोबरागड़े ने आसियान में भारत के प्रतिनिधि के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी है। 

आसियान-भारत के मजबूत रिश्ते
आसियान 10 देशों का समूह है और भारत का एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय भागीदार है। इसमें भारत के अलावा इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया शामिल हैं।

आसियान से भारत का जुड़ाव हाल के वर्षों में मजबूत हुआ है। व्यापार, निवेश, सुरक्षा एवं रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अलावा वार्षिक शिखर सम्मेलनों से आसियान के साथ भारत की साझेदारी लगातार बढ़ रही है। आसियान दक्षिण चीन सागर के क्षेत्रीय विवादों सहित कई प्रमुख भू-राजनीतिक चुनौतियों का मुकाबला करने का प्रमुख मंच बनकर उभरा है। 

अमेरिका-आसियान के गतिशील संबंध 
अमेरिका भी आसियान का एक प्रमुख वार्ता भागीदार है और क्षेत्रीय रणनीतिक एवं आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमेरिका और आसियान के 47 वर्ष पुराने संबंध हैं। अमेरिका व्यापार, डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर और समुद्री सुरक्षा पर सहयोग के माध्यम से आसियान का सपोर्ट करता है, साथ ही भारत-प्रशांत क्षेत्र में संगठन की अहम भूमिका के लिए प्रतिबद्ध है। 
 

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