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टाइम की 2026 फिलैंथ्रॉपी सूची में 3 भारतीय-अमेरिकियों को जगह

राजीव जे शाह, दीपक भार्गव और अन्ना वर्गीज को दुनिया भर में सामाजिक बदलाव और दान कार्यों को आगे बढ़ाने वाले प्रभावशाली लोगों में जगह मिली है।

 (बाएं से दाएं) राजीव जे. शाह, दीपक भार्गव, अन्ना वर्गीस (बाएं से दाएं) राजीव जे. शाह, दीपक भार्गव, अन्ना वर्गीस / TIME

तीन भारतीय-अमेरिकी समाजसेवियों और फाउंडेशन नेताओं को 2026 की TIME100 Philanthropy सूची में शामिल किया गया है। राजीव जे शाह, दीपक भार्गव और अन्ना वर्गीज को दुनिया भर में सामाजिक बदलाव और दान कार्यों को आगे बढ़ाने वाले प्रभावशाली लोगों में जगह मिली है।

राजीव जे शाह को लीडर्स श्रेणी में सम्मान

रॉकफेलर फाउंडेशन के अध्यक्ष राजीव जे शाह को जलवायु परिवर्तन, खाद्य संकट, ऊर्जा पहुंच और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी वैश्विक चुनौतियों पर बड़े स्तर की साझेदारियों को आगे बढ़ाने के लिए सम्मानित किया गया। डेट्रॉइट में गुजराती प्रवासी माता-पिता के घर जन्मे शाह पहले बराक ओबामा प्रशासन में यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (USAID) के प्रमुख रह चुके हैं। वह बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन में भी नेतृत्व की भूमिका निभा चुके हैं। 

2017 से वह रॉकफेलर फाउंडेशन का नेतृत्व कर रहे हैं। हाल ही में फाउंडेशन ने यूट्यूबर मिस्टर बीस्ट और बीस्ट फिलैंथ्रॉपी के साथ मिलकर केन्या में एक स्कूल किचन शुरू किया। इसके अलावा फाउंडेशन मिशन 300 पहल में भी शामिल है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 30 करोड़ अफ्रीकियों तक बिजली पहुंचाना है।

राजीव शाह ने कहा कि हमें धार्मिक संस्थाओं, राष्ट्र प्रमुखों, सरकारी अधिकारियों, उद्यमियों और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करना होगा। ऐसी व्यापक साझेदारियों से ही हम वास्तव में बदलाव ला सकते हैं। उन्होंने रॉकफेलर फाउंडेशन द्वारा समर्थित और मेडिकल जर्नल द लैंसेट में प्रकाशित शोध का जिक्र करते हुए कहा कि जब चीजों को खत्म किया जाता है, तो यह समझना जरूरी है कि उसका असर क्या होगा, क्योंकि दुनिया में कहीं भी इंसानी जीवन हम सभी के लिए मायने रखना चाहिए।

दीपक भार्गव को भी लीडर्स श्रेणी में जगह

फ्रीडम टुगेदर फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक भार्गव को भी इस सूची में शामिल किया गया। बेंगलुरु में जन्मे भार्गव बचपन में अमेरिका चले गए थे और न्यूयॉर्क में बड़े हुए। उन्होंने कई दशकों तक जमीनी स्तर पर सामाजिक आंदोलनों और समुदाय संगठन में काम किया है। 2024 में फाउंडेशन की कमान संभालने से पहले उन्होंने 16 साल तक कम्युनिटी चेंज संस्था का नेतृत्व किया था। इस दौरान उन्होंने आव्रजन, नस्लीय न्याय और आर्थिक समानता से जुड़े अभियानों पर काम किया।

TIME के अनुसार फ्रीडम टुगेदर फाउंडेशन ने अपनी कुल संपत्ति का 10 प्रतिशत दान में देना शुरू किया, जो सामान्य 5 प्रतिशत से काफी अधिक है। पिछले साल संस्था ने 530 से ज्यादा अनुदानों के जरिए 40 करोड़ डॉलर से अधिक राशि वितरित की जिनमें ज्यादातर लोकतंत्र समर्थक प्रयासों के लिए थे।

दीपक भार्गव ने कहा कि हम एक ऐसे मोड़ पर हैं जहां मूल अधिकारों, कानून के शासन और बुनियादी लोकतांत्रिक मानकों के सामने गंभीर चुनौतियां हैं। इसके लिए असाधारण जवाब की जरूरत है।

अन्ना वर्गीज को इनोवेटर्स श्रेणी में सम्मान

अन्ना वर्गीज को इनोवेटर्स श्रेणी में जगह मिली है। उन्हें TED से जुड़े ऑडेशियस प्रोजेक्ट के जरिए बड़े सामाजिक अभियानों के लिए फंड जुटाने के प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। केरल मूल की अन्ना इस पहल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं। उन्होंने बड़े दानदाताओं को साथ लाकर वैश्विक सामाजिक परियोजनाओं के लिए सहयोगी दान मॉडल को मजबूत किया है। ऑडेशियस प्रोजेक्ट से जुड़ने से पहले वह रणनीति और सामाजिक प्रभाव से जुड़े कई गैर-लाभकारी संगठनों में काम कर चुकी हैं।

TIME के अनुसार अन्ना ने अक्टूबर में दुनिया के 35 बड़े दानदाताओं को ढाई दिन के फंडरेजिंग कार्यक्रम में एक साथ लाया है। इस कार्यक्रम में 13 गैर-लाभकारी संस्थाओं के लिए 1 अरब डॉलर से अधिक की प्रतिबद्धताएं मिलीं। इन दानदाताओं में मेलिंडा फ्रेंच गेट्स, रीड हेस्टिंग्स और कॉनी बाल्मर जैसे नाम शामिल थे।

अन्ना वर्गीज ने कहा कि सहयोगी दान की यह दुनिया अभी शुरुआती दौर में है और हर साल बढ़ रही है। लेकिन अगर और लोग इस तरह मिलकर दान करें तो यह अद्भुत होगा। 2018 में शुरू होने के बाद से ऑडेशियस प्रोजेक्ट अब तक दुनिया भर की 70 परियोजनाओं को 8 अरब डॉलर से ज्यादा की बहुवर्षीय सहायता दे चुका है।

अन्य भारतीय नाम भी सूची में शामिल

TIME की इस सूची में भारतीय उद्योगपति शिव नाडर और भाई जोड़ी सुधीर मेहता और समीर मेहता को भी शामिल किया गया। उन्हें भारत में स्वास्थ्य सेवाओं समेत कई सामाजिक कार्यों में योगदान के लिए सम्मान मिला। यह पहली TIME100 Philanthropy सूची है, जिसमें सार्वजनिक स्वास्थ्य, लोकतंत्र, शिक्षा, जलवायु और बड़े स्तर पर दान कार्यों में योगदान देने वाले लोगों को शामिल किया गया है। दुनिया भर में फिलैंथ्रॉपी के जरिए हर साल 1 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा राशि सामाजिक कार्यों में लगाई जाती है।

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