ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

मार्को रुबियो की भारत यात्रा क्वाड की महत्ता को करती है रेखांकित : अमेरिकी दूतावास

दूतावास ने लिखा, “मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए एकजुट। क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण तक, मार्को रुबियो की भारत यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को दर्शाती है।”

 मार्को रुबियो मार्को रुबियो / Department of State's X account

अमेरिकी दूतावास ने शुक्रवार को कहा कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की आगामी भारत यात्रा क्वाड पार्टनरशिप के महत्व को रेखांकित करती है। 

दूतावास ने लिखा, “मुक्त और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए एकजुट। क्षेत्रीय सुरक्षा से लेकर महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के विविधीकरण तक, मार्को रुबियो की भारत यात्रा क्वाड साझेदारी के महत्व को दर्शाती है।”

विदेश मंत्रालय के अनुसार, क्वाड में भारत, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका शामिल हैं। इसका उद्देश्य वैश्विक भलाई के लिए सहयोग करना और एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी, समृद्ध तथा लचीला इंडो-पैसिफिक क्षेत्र सुनिश्चित करना है।

भारत 26 मई को नई दिल्ली में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। विदेश मंत्री के निमंत्रण पर मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री तोसीमित्सु मोतेगी बैठक में शामिल होने के लिए भारत आएंगे।  

भारत यात्रा से पहले रुबियो ने कहा कि अमेरिका नई दिल्ली के साथ ऊर्जा संबंधों का विस्तार करना चाहता है और क्वाड के जरिए समन्वय को और मजबूत करना चाहता है। उन्होंने भारत को “महान सहयोगी” और “महान साझेदार” बताया।

मियामी में पत्रकारों से बातचीत में रुबियो ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति संकट के बीच अमेरिका भारत को अधिक ऊर्जा निर्यात करने के लिए तैयार है।

उन्होंने कहा, “हम भारत को जितनी ऊर्जा चाहिए, उतनी बेचने के इच्छुक हैं। अमेरिका इस समय ऐतिहासिक स्तर पर ऊर्जा उत्पादन और निर्यात कर रहा है और हम इसे और बढ़ाना चाहते हैं।”

रुबियो ने कहा कि भारत के साथ ऊर्जा सहयोग को लेकर पहले से बातचीत चल रही है और उनकी आगामी यात्रा के दौरान भी यह चर्चा जारी रहेगी।

उन्होंने भारत को अमेरिका का महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा, “भारत के साथ काम करने के कई क्षेत्र हैं। हम उनके साथ बहुत अच्छा सहयोग करते हैं। यह यात्रा बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।”

रुबियो ने क्वाड की अहमियत पर भी जोर दिया और कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली आधिकारिक बैठक क्वाड साझेदारों के साथ ही हुई थी। उन्होंने कहा कि भारत में होने वाली यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण होगी और वर्ष के अंत में एक और बैठक आयोजित की जाएगी।
 

Comments

Related