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एलन मस्क का 'एक्स' बना भारत विरोधी भावनाओं का मंच, अमेरिकी रिपोर्ट में दावा

रिपोर्ट में बताया गया कि दिसंबर में ट्रम्प द्वारा भारतीय मूल के टेक्नोलॉजिस्ट श्रीराम कृष्णन को एआई एडवाइजर बनाने की घोषणा के बाद भारतीयों के खिलाफ आक्रोश काफी बढ़ गया

वॉशिंगटन के थिंक टैंक सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट (CSOH) ने यह रिपोर्ट तैयार की है। / X @csohate

एक स्टडी में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) भारत विरोधी भावनाओं का मंच बन गया है। वॉशिंगटन के थिंक टैंक सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ ऑर्गनाइज्ड हेट (CSOH) का कहना है कि एक्स पर हाल में भारतीय-अमेरिकियों पर नफरती हमलों में काफी बढ़ोतरी हुई है। 

इस गैर-लाभकारी संस्था ने एलन मस्क के मालिकाना हक वाले प्लेटफॉर्म एक्स पर पिछले साल 22 दिसंबर से 2 जनवरी 2025 के बीच भारतीय समुदाय को टारगेट करने वाली 128 से अधिक पोस्ट दर्ज की हैं जिनमें से कई तो एक्स की अभद्र भाषा नीतियों का साफ उल्लंघन करती हैं। 

CSOH के मुताबिक, इन पोस्ट को 138.54 मिलियन से अधिक व्यूज मिल चुके हैं। इनमें गालियों और खतरनाक रूढ़िवादी टिप्पणियां ही नहीं, हमले तक के लिए भी उकसाया गया है। 36 पोस्ट के तो एक मिलियन से ज्यादा व्यू हैं। 12 पोस्ट में भारतीयों की बढ़ती आबादी को श्वेत अमेरिका के लिए खतरा बताया गया है।

दिसंबर में ट्रम्प द्वारा भारतीय मूल के टेक्नोलॉजिस्ट श्रीराम कृष्णन को एआई एडवाइजर बनाने की घोषणा के बाद भारतीयों के खिलाफ आक्रोश काफी बढ़ गया था। भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी की एक पोस्ट ने इस आग को और हवा दी, जिसमें कथित तौर पर अमेरिकी कल्चर की आलोचना की गई थी। 

एंटी-इंडियन हेट ऑन एक्स: हाउ द प्लेटफॉर्म एम्प्लीज रेसिज्म एंड जेनोफोबिया नाम की यह रिपोर्ट दीक्षा उडुपा, रोहित चोपड़ा, रकीब हमीद नाइक और ऐशिक साहा ने तैयार की है। इसमें कहा गया है कि ट्रंप समर्थक कॉन्सपिरेसी थ्योरिस्ट लॉरा लूमर जैसे धुर दक्षिणपंथी हस्तियों के कृष्णन का विरोध करने से भारत विरोधी भावनाओं में और उबाल आया। 

कई सोशल मीडिया पोस्ट्स में तो भारतीयों को पश्चिमी समाज के लिए खतरा, आक्रमणकारी और अमेरिकी आबादी के लिए खतरा तक बता दिया गया। कई लोगों ने भारतीयों पर फर्जी डिग्री के जरिए इमिग्रेशन सिस्टम को धोखा देने और एच-1बी जैसे वीजा प्रोगाम का नाजायज फायदा उठाने का झूठा आरोप तक लगाया। 

इसके अलावा टीम ट्रम्प के भारतीय सदस्य जैसे श्रीराम कृष्णन और जेडी वेंस की पत्नी उषा वेंस पर निजी हमले भी किए गए। यहां तक कि उनकी व्यक्तिगत जानकारी का भी खुलासा कर दिया गया था। 

स्टडी में कहा गया है कि सोशल मीडिया अल्पसंख्यकों खासकर भारतीयों के लिए एक टॉक्सिक स्पेस बन गया है। यहां बड़े पैमाने पर नफरती कंटेंट फैलाया जा रहा है जिसकी लगभग ना के बराबर जवाबदेही है। कई पोस्ट को सस्पेंड करके कार्रवाई की गई है, लेकिन वो महज एक छोटा सा अंश है।

स्टडी में चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा गया है कि एक्स का एल्गोरिथ्म सनसनीखेज और नफरती कंटेंट को आगे बढ़ाता है, जिससे माहौल खराब हो रहा है। ये प्लेटफॉर्म अपनी नीतियों को पूरी तरह लागू नहीं कर पा रहा है जिसका लोगों पर मनोवैज्ञानिक नुकसान हो रहा है।

रिपोर्ट में एक्स को विश्वसनीयता बहाल करने के लिए अपनी गाइडलाइंस को सख्ती से लागू करने, एक स्वतंत्र ओवरसाइट बोर्ड बनाने और नस्लवाद के खिलाफ कड़े कदम उठाने की सलाह दी गई है। 


 



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