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बांग्लादेश में बढ़ती हिंसा पर अमेरिकी सांसदों की चिंता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा की मांग

राजा कृष्णमूर्ति ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित भीड़ द्वारा हत्या की कड़ी निंदा की।

 राजा कृष्णमूर्ति राजा कृष्णमूर्ति / Krishnamoorthi office

बांग्लादेश में हाल के दिनों में हुई हत्याओं, मीडिया संस्थानों पर हमलों और हिंदू सहित अन्य अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों को लेकर अमेरिका के दो प्रभावशाली सांसदों ने गहरी चिंता जताई है। अमेरिकी कांग्रेस के भारतीय मूल के सांसद राजा कृष्णमूर्ति और सुहास सुब्रमण्यम ने अलग-अलग बयानों में कहा कि मौजूदा हिंसा देश में खतरनाक अस्थिरता की ओर इशारा कर रही है और इस पर तत्काल कार्रवाई जरूरी है।

सांसदों ने बांग्लादेश सरकार से मांग की है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, हत्याओं की पारदर्शी जांच हो और आगे किसी भी तरह की जान-माल की हानि को रोका जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति पर काबू नहीं पाया गया तो इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।

राजा कृष्णमूर्ति ने बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की कथित भीड़ द्वारा हत्या की कड़ी निंदा की। उन्होंने इस घटना को देश में जारी अशांति और अस्थिरता से जोड़ते हुए कहा कि यह एक लक्षित और बेहद चिंताजनक हिंसक घटना है। उन्होंने कहा कि भले ही कुछ गिरफ्तारियों की खबरें सामने आई हैं, लेकिन बांग्लादेश सरकार को पूरी और पारदर्शी जांच करनी चाहिए और दोषियों को कानून के तहत सख्त सजा दिलानी चाहिए।

कृष्णमूर्ति ने यह भी कहा कि सरकार को तुरंत कदम उठाकर हिंदू समुदाय और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी बांग्लादेशियों के हित में इस हिंसा को रोका जाना चाहिए और कानून का राज कायम रहना चाहिए।

वहीं सांसद सुहास सुब्रमण्यम ने बांग्लादेश में सुरक्षा हालात के बिगड़ने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद हालात और खराब हुए हैं। हादी आगामी संसदीय चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। सुब्रमण्यम के अनुसार, उनकी हत्या के बाद मीडिया संस्थानों पर हमले हुए, अख़बारों के दफ्तर जलाए गए और कई अन्य लोगों की मौत की खबरें सामने आईं।

उन्होंने दीपू चंद्र दास की हत्या को भी बेहद चौंकाने वाला बताते हुए कहा कि एक फैक्ट्री में काम करने वाले हिंदू मजदूर को कथित तौर पर ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने मार डाला। उन्होंने कहा कि यह हिंसा पूरी तरह अस्वीकार्य है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

सुब्रमण्यम ने कहा कि हालिया सरकार परिवर्तन के बाद से बांग्लादेश में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों के खिलाफ हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। इनमें घरों और मंदिरों पर हमले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह घटनाएं एक बड़े और खतरनाक पैटर्न की ओर इशारा करती हैं।

अंत में सुहास सुब्रमण्यम ने कहा कि वह बांग्लादेश समेत दुनिया भर में हिंदू और अन्य अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इस दिशा में आवाज उठाते रहेंगे।

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