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ईरान में जेनजी प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी से भड़के ट्रम्प, अमेरिकी मदद का ऑफर

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार अली शमखानी ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को रेड लाइन बताया।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प / Instagram

ईरान में जेनजी का विरोध प्रदर्शन बीते चार दिनों से चल रहा है। बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी को लेकर जेनजी शुक्रवार को लगातार पांचवें दिन सड़क पर उतरे हैं। इस विरोध-प्रदर्शन में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस विरोध-प्रदर्शन में मारे गए लोगों को लेकर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की है। 

ट्रूथ सोशल पर राष्ट्रपति ट्रम्प ने लिखा, "अगर ईरान शांति से प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाता है और उन्हें बुरी तरह मारता है, जो उनका रिवाज है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा और आगे बढ़ने के लिए तैयार है। इस मामले पर ध्यान देने के लिए आपका धन्यवाद।"

ईरानी अधिकारियों ने देश के अंदरूनी मामलों में अमेरिका के दखल के खिलाफ कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अमेरिकी दखल से पूरे इलाके में गड़बड़ी होगी और अमेरिकी हितों का नुकसान होगा।

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ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के करीबी सलाहकार अली शमखानी ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा को रेड लाइन बताया। 

इस हफ्ते ईरान के लगभग 21 राज्यों में दर्जनों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए। इनमें से कुछ जगहों पर जारी प्रदर्शन बुधवार को पुलिस के साथ झड़प के बाद हिंसक हो गए।

ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी फार्स ने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प हुई, पुलिस वालों पर पत्थर फेंके गए और कारों में आग लगा दी गई। कुछ हथियारबंद लोगों ने शहर में हो रहे विरोध प्रदर्शन का फायदा उठाया। पुलिस ने बाद में कुछ लोगों से हथियार जब्त कर लिए।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के करीब 21 राज्यों तक यह हिंसक विरोध की आंच पहुंच चुकी है। 2022 के बाद इसे ईरान में अब तक का सबसे बड़ा विरोध-प्रदर्शन बताया जा रहा है। इस विरोध-प्रदर्शन का सबसे बड़ा कारण आर्थिक संकट है। करेंसी की वैल्यू लगातार गिरती जा रही है। लोगों के पास रोजगार नहीं है, जिसकी वजह से जनता में आक्रोश है।

वैसे तो ईरान में धार्मिक मुद्दों को लेकर कई बार प्रदर्शन देखने को मिले हैं, लेकिन इस बार यह विरोध ईरान के सुप्रीम लीडर के खिलाफ आर्थिक मुद्दों को लेकर हो रहा है। ईरान में महंगाई की दर 42.2 फीसदी हो गई है। खासतौर से खाद्य पदार्थों की कीमत में 72 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

 

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