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भारत-पाक संघर्षविराम पर ट्रम्प का फिर दावा, भारत ने दोहराया- कोई तीसरा पक्ष नहीं आया

एक ओर राष्ट्रपति ट्रम्प भारत-पाक संघर्षविराम का श्रेय खुद को दे रहे हैं, वहीं भारत सरकार अपने रुख पर कायम है कि यह फैसला पूरी तरह द्विपक्षीय था और इसमें किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं रही।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प / Courtesy Photo

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 20 जनवरी को दावा किया कि उन्होंने पिछले वर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम कराकर लाखों लोगों की जान बचाई। ट्रम्प यह टिप्पणी अपने दूसरे कार्यकाल की पहली वर्षगांठ पर मीडिया को संबोधित करते हुए कर रहे थे।

ट्रम्प ने कहा, “वे (भारत और पाकिस्तान) सच में एक-दूसरे पर टूट पड़े थे। आठ विमान गिराए गए। मेरी राय में वे परमाणु युद्ध के करीब पहुंच गए थे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां आए थे और उन्होंने कहा था, ‘राष्ट्रपति ट्रम्प ने एक करोड़ लोगों की जान बचाई, शायद उससे भी ज्यादा।’ ये दोनों परमाणु संपन्न देश हैं।”

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हालांकि, ट्रम्प इससे पहले भी इस तरह के दावे करते रहे हैं, लेकिन भारत सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान किसी भी स्तर पर किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता नहीं हुई।

भारत सरकार ने 18 जून 2025 को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा था, “सैन्य कार्रवाई रोकने को लेकर बातचीत भारत और पाकिस्तान के बीच सीधे, दोनों सेनाओं के मौजूदा संचार माध्यमों से हुई थी और इसकी पहल पाकिस्तान की ओर से की गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट रूप से कहा कि भारत किसी भी प्रकार की मध्यस्थता को न स्वीकार करता है और न ही भविष्य में करेगा।”

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