रादोस्लाव सिकोर्स्की / @sikorskiradek/X)
पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रादोस्लाव सिकोर्स्की तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हुए हैं। सोमवार को उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ डेलीगेशन-लेवल की बातचीत की। इस दौरान उन्होंने अमेरिका का जिक्र किए बिना टैरिफ के जरिए भारत को टारगेट करने के तरीके को गलत बताया।
यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के बाद से ही अमेरिका भारत को रूस से तेल खरीदने के नाम पर लगातार टारगेट कर रहा है। अमेरिका रूस के साथ तेल व्यापार रोकने के लिए टैरिफ के जरिए भारत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
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भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात के पहले डिप्टी पीएम रादोस्लाव सिकोर्स्की ने जयपुर में लिटरेचर फेस्टिवल में हिस्सा लिया। इसके बाद वह दिल्ली पहुंचे। वहीं ईएएम जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान शुरुआत में पोलैंड के डिप्टी पीएम रादोस्लाव सिकोर्स्की ने कहा, "मुझे जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल होकर बहुत खुशी हुई, यह एक बड़ा ग्लोबल कल्चरल इवेंट है। मैं आपसे पूरी तरह सहमत हूं कि ट्रांसनेशनल, ट्रांस बॉर्डर टेररिज्म का मुकाबला करने की जरूरत है। पोलैंड आगजनी और स्टेट टेररिज्म की कोशिश, दोनों का पीड़ित रहा है।"
अमेरिका की ओर से रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर टैरिफ को लेकर जो दबाव बनाया जा रहा है, रादोस्लाव ने उस पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "मैं टैरिफ के जरिए सेलेक्टिव टारगेटिंग के मुद्दे पर आपसे पूरी तरह सहमत हूं, और हम यूरोप में इसके बारे में भी कुछ जानते हैं। हमें डर है कि इससे वैश्विक व्यापार उथल-पुथल की ओर बढ़ रहा है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि भारत यूरोप में जुड़ा रहेगा। हमने देखा है कि आप यूरोप में हर जगह दूतावास बना रहे हैं, जिसका मतलब है कि आप यूरोपियन यूनियन के साथ रिश्तों को लेकर गंभीर हैं।"
डिप्टी पीएम के सेलेक्टिव टैरिफ वाले बयान पर ईएएम जयशंकर ने कहा, "बेशक, सेलेक्टिव टारगेटिंग सिर्फ टैरिफ तक ही सीमित नहीं है। मुझे लगता है कि सेलेक्टिव टारगेटिंग के और भी तरीके रहे हैं, लेकिन हम उस पर बात करेंगे।"
जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल में पोलैंड के डिप्टी पीएम रादोस्लाव सिकोर्की अपनी पत्नी के साथ शामिल हुए। डिप्टी पीएम सिकोस्र्की ने एक पत्रकार और यूरोपियन स्टेट्समैन के तौर पर अपने अनुभव के आधार पर, रूस और यूक्रेन में बदलते हालात, संकट से निपटने में पोलैंड की भूमिका और तेजी से बदलती दुनिया के साथ यूरोप कैसे तालमेल बिठा रहा है, इन मुद्दों पर बात की।
वेदांता के जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल 2026 में, नवतेज सरना के साथ बातचीत में उन्होंने यूरोप में हो रहे बदलावों के राजनीतिक, ऐतिहासिक और इंसानी पहलुओं का भी जिक्र किया। उन्होंने शनिवार को कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था।
भारत और पोलैंड के बीच पिछले महीने नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) का 11वां दौर आयोजित हुआ था, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्रों में सहयोग को तेज करने पर सहमति जताई थी। इस बैठक की सह अध्यक्षता विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज और पोलैंड के विदेश मामलों के सचिव व्लादिस्लाव टी. बार्तीशेव्स्की ने की थी।
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