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'तनाव बढ़ाना बंद करें': ईरान के पावर ग्रिड पर हमले की धमकी पर रो खन्ना

खन्ना ने यह भी कहा कि अंधाधुंध बमबारी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून खासकर जिनेवा कन्वेंशन के सिद्धांतों का उल्लंघन होगी।

रो खन्ना / Ro Khanna website


भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने अमेरिका द्वारा ईरान के बिजली ढांचे को निशाना बनाने की संभावित योजना का विरोध करते हुए प्रशासन से तनाव बढ़ाने से बचने की अपील की है।

खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा है कि अब समय है कि राष्ट्रपति अपना अहंकार छोड़ें और इस बढ़ते तनाव को रोकें। युद्ध अपराधों की धमकी देना हमारे मूल्यों के खिलाफ है। इस बेवजह की जंग को खत्म करें, जो अमेरिकी जानें ले रही है, खजाना खाली कर रही है और दुनिया को असुरक्षित बना रही है।



उन्होंने तर्क दिया कि बिजली ढांचे पर हमला न केवल गैरकानूनी होगा बल्कि उल्टा असर भी डाल सकता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई कट्टरपंथियों को कमजोर नहीं करती, बल्कि आम ईरानियों को नुकसान पहुंचाती है, सरकार के लिए समर्थन बढ़ाती है और बाहरी हमले के नैरेटिव को मजबूत करती है।

खन्ना ने यह भी कहा कि अंधाधुंध बमबारी अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून खासकर जिनेवा कन्वेंशन के सिद्धांतों का उल्लंघन होगी। उनके अनुसार बिजली ढांचा अक्सर डुअल यूज होता है। यानी इसका इस्तेमाल नागरिक जीवन और कुछ सैन्य गतिविधियों दोनों के लिए होता है। इसलिए इसे तभी निशाना बनाया जा सकता है जब इससे सैन्य लाभ स्पष्ट हो और नागरिकों को भारी नुकसान न हो।

उन्होंने चेतावनी दी कि आधुनिक बिजली ग्रिड आपस में जुड़े होते हैं इसलिए एक हिस्से पर हमला पूरे शहर या क्षेत्र में ब्लैकआउट का कारण बन सकता है। इससे अस्पतालों की बिजली ठप होगी, पानी की आपूर्ति रुकेगी, भोजन खराब होगा और अत्यधिक गर्मी या ठंड का खतरा बढ़ सकता है।

खन्ना की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उसने स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज को दोबारा नहीं खोला तो उसके बिजली संयंत्रों को पूरी तरह नष्ट कर दिया जाएगा। यह तनाव फरवरी के अंत में अमेरिका और इजराइल द्वारा किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था जिसमें अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई देशों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

ईरान ने भी चेतावनी दी है कि यदि उसके पावर प्लांट्स को निशाना बनाया गया तो वह मध्य पूर्व में ऊर्जा और जल सुविधाओं पर जवाबी कार्रवाई कर सकता है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ने की आशंका है। हालांकि अमेरिका ने संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया है और कहा है कि कूटनीतिक प्रयास जारी हैं लेकिन दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां अभी भी जारी हैं।

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