श्रीराम कृष्णन / X/ @sriramk
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए व्हाइट हाउस के सीनियर पॉलिसी एडवाइजर श्रीराम कृष्णन ने कहा है कि अमेरिका सरकार, इंडस्ट्री और एकेडेमिया के बीच व्यापक सहयोग के जरिए AI की दौड़ को कंट्रोल कर सकता है।
वॉशिंगटन में 'हिल एंड वैली फोरम' में शामिल होने के बाद X पर अपने विचार शेयर करते हुए कृष्णन ने कहा कि अमेरिका क्या बना सकता है और बड़ी चुनौतियों का मिलकर कैसे सामना किया जा सकता है, इस बारे में लोगों में जो उम्मीद दिखी, उससे उन्हें काफी हौसला मिला।
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उन्होंने लिखा कि जिस बात ने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया, वह यह थी कि हर कोई इस बात को लेकर कितना आशावादी और उत्साहित था कि हम क्या-क्या बना सकते हैं और बड़ी समस्याओं का मिलकर कैसे सामना कर सकते हैं – चाहे वह AI की दौड़ हो, अर्थव्यवस्था पर AI का असर हो, या फिर यह पक्का करना हो कि हमारे सैनिकों के पास सबसे बेहतरीन टेक्नोलॉजी हो।
व्हाइट हाउस में अपनी भूमिका पर टिप्पणी करते हुए कृष्णन ने कहा कि पिछले एक साल में उन्हें उस चीज के प्रति गहरी समझ मिली है, जिसे उन्होंने 'अमेरिकन एक्सपेरिमेंट' कहा है। उन्होंने इसे ऐसी क्षमता बताया, जिसके जरिए सरकार से बाहर के प्रयासों को भी शामिल करके प्रगति की जा सकती है। उन्होंने लिखा- इसका एक बड़ा हिस्सा यह है कि जब हम सभी को (सिर्फ़ सरकार को ही नहीं) चीज़ों को बेहतर बनाने में शामिल कर पाते हैं, तो बेहतरीन चीज़ें मुमकिन हो पाती हैं।
इस कार्यक्रम में कृष्णन ने अलग-अलग सेक्टरों में काम करने वाले लोगों के एक समूह को संबोधित किया, जिसमें कंपनियों के संस्थापक, एकेडेमिक रिसर्चर, पॉलिसी बनाने वाले और फाइनेंसर शामिल थे।
24 मार्च को वॉशिंगटन में आयोजित 'हिल एंड वैली फोरम' खुद को एक ऐसी द्विदलीय (bipartisan) सभा के तौर पर बताता है, जिसका मुख्य फोकस उभरती हुई टेक्नोलॉजी, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अमेरिका के नेतृत्व पर होता है। इस साल के एजेंडे में 'AI की दौड़ जीतना,' सप्लाई चेन, औद्योगिक क्षमता, बायोटेक्नोलॉजी और रक्षा से जुड़ी टेक्नोलॉजी जैसे विषयों पर सत्र शामिल थे।
वक्ताओं में भारतीय-अमेरिकी निवेशक रवि म्हात्रे (लाइटस्पीड के पार्टनर और सह-संस्थापक) और हेमंत तनेजा (जनरल कैटालिस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी) शामिल थे।
कृष्णन की ये टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं, जब ट्रंप प्रशासन और उससे जुड़े टेक्नोलॉजी क्षेत्र के दिग्गज लगातार इस बात पर ज़ोर दे रहे हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अमेरिका की आर्थिक ताक़त, रक्षा तैयारियों और रणनीतिक प्रतिस्पर्धा – खासकर चीन के साथ – के लिए कितना अहम है।
वॉशिंगटन में हाल ही में हुई पॉलिसी से जुड़ी चर्चाओं में AI के विकास को न सिर्फ़ कमर्शियल इनोवेशन से, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई चेन, ऊर्जा के इस्तेमाल और सैन्य क्षमताओं से भी जोड़ा गया है।
पिछले कुछ महीनों में कृष्णन ने उस चीज को व्यापक रूप से अपनाने की भी वकालत की है, जिसे उन्होंने 'अमेरिकन AI स्टैक' नाम दिया है। इसके जरिए उन्होंने अमेरिका में बने इंफ्रास्ट्रक्चर और सिस्टम को वैश्विक AI विकास के अगले चरण के लिए सबसे अहम बताया है। उन्होंने कहा कि इस फोरम में शामिल होने वालों में वे लोग थे जो कंपनियां बना रहे हैं, रिसर्च कर रहे हैं, नीतियां बना रहे हैं और इनोवेशन के लिए फ़ंड दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस सभा से निकलते समय वे पूरी तरह से उत्साहित थे कि वे मिलकर अमेरिका के लिए बड़ी समस्याओं का समाधान करेंगे।
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