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व्हाइट हाउस में मेलानिया और रोबोट की कदमताल, प्रथम महिला ने दिया AI पर जोर

इंसान जैसा दिखने वाला यह रोबोट, जिसने अपना परिचय 'Figure 03' के तौर पर दिया, ईस्ट रूम में ट्रंप के साथ शामिल हुआ। वहां उसने दुनिया भर से आए दर्जनों फर्स्ट स्पाउसेस (जीवनसाथियों) का स्वागत किया।

अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप, वाशिंगटन डी.सी. (अमेरिका) स्थित व्हाइट हाउस में, 25 मार्च 2026 को आयोजित 'फोसटरिंग द फ्यूचर टुगेदर ग्लोबल कोएलिशन समिट' के उद्घाटन सत्र के दूसरे दिन, एक गोलमेज कार्यक्रम की मेजबानी करते हुए एक ह्यूमनॉइड रोबोट के बगल में चल रही हैं। / REUTERS/Kylie Cooper

25 मार्च को एक ह्यूमनॉइड रोबोट व्हाइट हाउस के लाल कालीन वाले गलियारे से गुजरा। वह अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप के साथ एक कार्यक्रम में शामिल हुआ, जहां उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के अधिक इस्तेमाल की वकालत की।

इंसान जैसा दिखने वाला यह रोबोट, जिसने अपना परिचय 'Figure 03' के तौर पर दिया, ईस्ट रूम में ट्रंप के साथ शामिल हुआ। वहां उसने दुनिया भर से आए दर्जनों फर्स्ट स्पाउसेस (जीवनसाथियों) का स्वागत किया। ये सभी 'Fostering the Future Together' नाम के टेक्नोलॉजी-केंद्रित शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने आए थे।

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रोबोट ने 11 भाषाओं में मेहमानों का अभिवादन करते हुए कहा कि मैं इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं, जिसका मकसद टेक्नोलॉजी और शिक्षा के ज़रिए बच्चों को सशक्त बनाना है।

ट्रंप ने बताया कि Figure 03 व्हाइट हाउस में आने वाला पहला अमेरिकी-निर्मित ह्यूमनॉइड मेहमान था। उन्होंने इस मौके का इस्तेमाल इस बात पर जोर देने के लिए किया कि सरकारों और बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि छात्रों की पढ़ाई-लिखाई में AI का इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे मोबाइल फ़ोन से निकलकर ऐसे ह्यूमनॉइड्स में आ जाएगा, जो हमारे काम आएंगे।

फर्स्ट लेडी, जो खुद एक पूर्व मॉडल रह चुकी हैं, ने बताया कि आने वाले समय में एक काल्पनिक ह्यूमनॉइड शिक्षक कैसे क्लासिकल स्टडीज, गणित और दूसरे विषयों की जानकारी तुरंत हासिल करके छात्रों को उनकी सीखने की गति और भावनात्मक स्थिति के आधार पर व्यक्तिगत शिक्षा दे पाएगा।

अमेरिका की शिक्षा सचिव लिंडा मैकमाहन, जो राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के संघीय शिक्षा विभाग का आकार छोटा करने के एजेंडे पर काम कर रही हैं, फर्स्ट लेडी के शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव लाने की बातों को सुनकर पहली कतार में बैठे-बैठे मुस्कुराईं।

ट्रंप ने कहा कि जब कंपनियां इनोवेशन लाती हैं, सरकार उसका दायरा बढ़ाती है, और हमारे पूंजी बाजार इन उभरती हुई टेक्नोलॉजीज के वितरण के लिए पैसा लगाते हैं, तब हम सभ्यता की प्रगति की रफ्तार को और तेज कर सकते हैं।

राष्ट्रपति की पत्नी ने टेक्नोलॉजी से जुड़े खतरों के प्रति भी आगाह किया। फ्रांस की फर्स्ट लेडी ब्रिगिट मैक्रों ने भी इस चिंता से सहमति जताई और अपने देश द्वारा बच्चों के लिए स्क्रीन टाइम और सोशल मीडिया के इस्तेमाल को सीमित करने के लिए उठाए गए कदमों की सराहना की।

इससे पहले, 25 मार्च को ही राष्ट्रपति ट्रंप ने मेटा के CEO मार्क जकरबर्ग, ओरेकल के कार्यकारी अध्यक्ष लैरी एलिसन और एनवीडिया के CEO जेन्सेन हुआंग को एक परिषद में नियुक्त किया। यह परिषद AI से जुड़ी नीतियों और अन्य मुद्दों पर अपनी राय देगी। राष्ट्रपति ने AI को चीन के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का एक अहम मैदान बताया है।

चीन भी अपने अत्याधुनिक ह्यूमनॉइड रोबोट्स का प्रदर्शन कर रहा है, क्योंकि बीजिंग इस उभरते हुए क्षेत्र में अपना दबदबा बनाना चाहता है। फर्स्ट लेडी ने बौद्धिक संपदा को लेकर चल रही वैश्विक प्रतिस्पर्धा का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि AI-आधारित शिक्षा को अपनाने से अमेरिका की दीर्घकालिक आर्थिक श्रेष्ठता और भी मजबूत होगी।

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