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Emmes Group ने डॉ. राम कोंडरू को बनाया Verdix AI का सीईओ

डॉ. राम कोंडरू को बायोफार्मा, चिकित्सा उपकरण और डेटा विज्ञान क्षेत्रों में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है।

डॉ. राम कोंडरू मेडिडेटा सॉल्यूशंस के सह-सीईओ भी रहे हैं। / साभार सोशल मीडिया

क्लीनिकल रिसर्च संस्थान एम्मेस ग्रुप (Emmes Group) ने भारतीय मूल के डॉ. राम कोंडरू को अपने नए वेंचर वेरिडिक्स एआई (Verdix AI) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। एम्मेस ग्रुप के कार्यकारी अध्यक्ष और सीईओ शास्त्री चिलुकुरी ने प्रौद्योगिकी की दुनिया में कोंडरू के अद्वितीय कौशल और अनुभवों की सराहना करते हुए इसकी घोषणा की। 

चिलुकुरी कहा कि जीवन विज्ञान क्षेत्र में कामयाब सी-लेवल की भूमिकाओं के संयोजन में डॉ कोंडरू की वैज्ञानिक, अनुसंधान एवं अकादमिक साख मूल्यवान होगी क्योंकि हम 21वीं सदी की क्लीनिकल रिसर्च प्रौद्योगिकी और एआई मंच बनाने पर काम कर रहे हैं।

कोंडरू ने कहा कि वह अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी और एआई के प्रति एम्मेस ग्रुप की प्रतिबद्धता से प्रभावित हैं। एम्मेस जीवन विज्ञान के क्षेत्र में एक अग्रणी संसंथान है जो दूसरों के मुकाबले अद्वितीय तरीके से एआई को अपना रहा है। हमारे अग्रणी समाधान और सेवाएं चिकित्सा जरूरतों को पूरा करने और उद्योग को परिभाषित करने के लिए तैयार हैं।

कोंडरू के बारे में बताएं तो उन्हें बायोफार्मा, चिकित्सा उपकरण और डेटा विज्ञान क्षेत्रों में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है। वह मेडिडेटा सॉल्यूशंस में सह-सीईओ रहे हैं जो सॉफ्टवेयर और क्लीनिकल रिसर्च क्षेत्र में डेटा एनालिटिक्स समाधान प्रदान करने वाली अग्रणी कंपनी है। 

इससे पहले, उन्होंने जॉनसन एंड जॉनसन में जैनसेन फार्मास्यूटिकल्स के लिए अमेरिका में वरिष्ठ उपाध्यक्ष और मुख्य सूचना अधिकारी की भूमिका निभाई थी। जैनसेन में जाने से पहले कोंडरू ने यूसीबी फार्मा और हॉफमैन-ला रोश में नेतृत्वकारी और वैज्ञानिक पदों पर कार्य किया था। वह कई कंपनियों के निदेशक मंडल में भी रहे हैं। 

कोंडरू ने एक आविष्कारक के रूप में 29 से अधिक पेटेंट में योगदान दिया है। वह कई इनोवेशन पुरस्कार जीत चुके हैं। आईआईटी मुंबई से स्नातक के बाद उन्होंने पिट्सबर्ग विश्वविद्यालय से कम्प्यूटेशनल विज्ञान में डिग्री ली है। पिट्सबर्ग मेडिकल स्कूल विश्वविद्यालय से उन्होंने पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च पूरी की है। वह उत्तरी कैरोलिना के ड्यूक विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के रूप में भी काम कर चुके हैं। 
 

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