पीएम मोदी और सेशेल्स के राष्ट्रपति / PIB
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी ने सोमवार को भारत द्वारा सेशेल्स के विकास, सुरक्षा जरूरतों और आकांक्षाओं के लिए दिए जा रहे सहयोग की सराहना की। उन्होंने कहा कि लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC), अनुदान, क्षमता निर्माण और हाई इम्पैक्ट कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स (HICDP) के माध्यम से भारत ने द्वीपीय देश को लगातार समर्थन दिया है।
नई दिल्ली में हुई व्यापक और सकारात्मक द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के क्षेत्र में मिलकर काम करने पर सहमति जताई। सेशेल्स में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए भारत ने डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI)—जिसमें डिजिटल पेमेंट सिस्टम भी शामिल हैं—के निर्माण में सहयोग का आश्वासन दिया।
दोनों देशों द्वारा अपनाए गए ‘संवर्धित संपर्कों के माध्यम से स्थिरता, आर्थिक विकास और सुरक्षा के लिए संयुक्त दृष्टिकोण’ (SESEL) के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने सेशेल्स के राष्ट्रीय विकास एजेंडे में भारत को एक भरोसेमंद साझेदार बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसमें स्थिरता, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, आपदा-रोधी क्षमता और समावेशी विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
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संयुक्त बयान के अनुसार, भारत ने सेशेल्स के साथ लोगों-केंद्रित विकास साझेदारी को और मजबूत करने के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर का ‘विशेष आर्थिक पैकेज’ देने की घोषणा की। इसमें 125 मिलियन डॉलर की रुपये-आधारित लाइन ऑफ क्रेडिट और 50 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता शामिल है, जिसका उपयोग विकास परियोजनाओं, नागरिक व रक्षा अधिकारियों के प्रशिक्षण और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में किया जाएगा।
राष्ट्रपति हर्मिनी ने भारत द्वारा 10 एंबुलेंस दान किए जाने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार व्यक्त किया। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि इंडियन फार्माकोपिया (IP) को सेशेल्स द्वारा मान्यता मिलने से गुणवत्तापूर्ण आवश्यक दवाओं की खरीद आसान होगी और जन औषधि पहल के तहत सस्ती दवाओं तक पहुंच बढ़ेगी।
मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में दोनों देशों ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों और एक्सचेंज विजिट्स को लागू करने पर सहमति जताई। साथ ही, सेशेल्स की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से मेडिकल विशेषज्ञों, नर्सों, पैरामेडिक्स और तकनीशियनों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति को समर्थन देने का निर्णय लिया गया।
दोनों नेताओं ने सार्वजनिक स्वास्थ्य में सहयोग को और मजबूत करने, सेशेल्स में नए अस्पताल के निर्माण में सहयोग करने तथा संस्थागत साझेदारी बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
संयुक्त बयान के अनुसार, भारत और सेशेल्स ने नवीकरणीय ऊर्जा और जलवायु सहनशीलता के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्रपति हर्मिनी ने इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के तहत भारत के सहयोग से सेशेल्स में लागू सोलर प्रोजेक्ट्स की सराहना की, जिससे कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्रों में ठोस लाभ मिला है।
दोनों नेताओं ने सेशेल्स में मल्टी-हैजार्ड अर्ली वार्निंग सिस्टम लागू करने पर भी सहमति जताई। इसके अलावा, भारत ने सेशेल्स को पावर ग्रिड प्रबंधन, ग्रीन पब्लिक ट्रांसपोर्ट और स्वच्छ ऊर्जा समाधान के क्षेत्र में तकनीकी सहायता देने का आश्वासन दिया।
बैठक के अंत में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी ने ऊर्जा संरक्षण, सतत विकास, नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन मोबिलिटी के नए क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं तलाशने पर सहमति जताई।
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