मलेशिया में पीएम मोदी / IANS
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को मलेशिया में भारतीय समुदाय की भावना और सांस्कृतिक ऊर्जा की सराहना करते हुए ‘सेलामत दतांग मोदीजी’ कार्यक्रम में हुई रिकॉर्डतोड़ नृत्य प्रस्तुति को भारतीय संस्कृति का भव्य उत्सव बताया। इस कार्यक्रम में 12,000 से अधिक प्रवासी भारतीयों, भारत के मित्रों और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के बाद पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, “मलेशिया में भारतीय संस्कृति का एक भव्य उत्सव। कुआलालंपुर में सामुदायिक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण वह नृत्य प्रस्तुति रही, जिसने मलेशिया में एक रिकॉर्ड बनाया। इस प्रस्तुति में भाग लेने वाले सभी कलाकारों को बधाई।”
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय समुदाय का संकल्प और उत्साह भारत–मलेशिया संबंधों की स्थायी मजबूती को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच एक जीवंत और मजबूत सेतु हैं, जो साझा विरासत और द्विपक्षीय रिश्तों को लगातार मजबूत कर रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने भारत–मलेशिया मित्रता को आगे बढ़ाने के लिए मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की प्रतिबद्धता के लिए भी उनका आभार जताया।
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अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि मलेशिया में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय रहता है और भारत व मलेशिया के दिलों को जोड़ने वाली कई समानताएं हैं। उन्होंने कहा, “भारतीय मूल का समुदाय दोनों देशों को जोड़ने वाला एक जीवंत पुल है। रोटी चनाई और मालाबार परोट्टा, नारियल, मसाले और ‘तेह तारिक’ जैसे स्वाद कुआलालंपुर और कोच्चि—दोनों जगह समान रूप से अपनापन महसूस कराते हैं।”
प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के लोग एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं, जिसका कारण भाषाओं में मौजूद कई समान शब्द भी हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भारतीय फिल्में और संगीत मलेशिया में काफी लोकप्रिय हैं और मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को महान अभिनेता एमजीआर के तमिल गीत बेहद पसंद हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि मलेशिया में भारतीय मूल के लोगों ने सदियों से अपनी परंपराओं को संजोकर रखा है। उन्होंने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम का जिक्र करते हुए बताया कि मलेशिया में 500 से अधिक स्कूलों में बच्चों को भारतीय भाषाओं में शिक्षा दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि तिरुवल्लुवर और स्वामी विवेकानंद जैसे संतों का प्रभाव मलेशिया में साफ दिखाई देता है और बाटू केव्स में मनाया जाने वाला थाईपूसम उत्सव पलानी के उत्सव की तरह ही दिव्य अनुभव देता है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि गरबा मलेशिया में लोकप्रिय है और सिख समुदाय के साथ भारत के सांस्कृतिक संबंध बेहद गहरे हैं, जो गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं को आगे बढ़ा रहे हैं।
तमिल भाषा को भारत की दुनिया को दी गई अमूल्य देन बताते हुए पीएम मोदी ने कहा कि तमिल साहित्य शाश्वत है, तमिल संस्कृति वैश्विक है और तमिल लोगों ने अपनी प्रतिभा से मानवता की सेवा की है। उन्होंने बताया कि भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन, विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. मुरुगन—सभी तमिलनाडु से हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मलेशिया में तमिल प्रवासी समुदाय कई सदियों से समाज की सेवा करता आ रहा है। इसी ऐतिहासिक विरासत से प्रेरित होकर भारत ने यूनिवर्सिटी ऑफ मलाया में तिरुवल्लुवर चेयर की स्थापना की है और अब साझा सांस्कृतिक विरासत को और मजबूत करने के लिए एक तिरुवल्लुवर केंद्र भी स्थापित किया जाएगा।
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