लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल की सदस्य नित्या रमन / Wikimedia commons
लॉस एंजेलिस की मेयर पद की उम्मीदवार नित्या रमन की चुनावी संभावनाएं तेजी से गिरती दिख रही हैं। 11 मई को प्रेडिक्शन मार्केट प्लेटफॉर्म काल्शी के आंकड़ों के अनुसार उनकी जीत की संभावना अब तक के सबसे निचले स्तर 14 प्रतिशत पर पहुंच गई है।
रमन 14 प्रतिशत पर हैं जो उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वियों से काफी कम है। वहीं डेमोक्रेट नेता और मौजूदा मेयर कैरेन बैस 52 प्रतिशत के साथ सबसे आगे हैं, जबकि रिपब्लिकन उम्मीदवार स्पेंसर प्रैट 34 प्रतिशत पर हैं। ये नतीजे इसलिए चौंकाने वाले माने जा रहे हैं क्योंकि कुछ ही हफ्ते पहले काल्शी ने रमन की संभावना 64 प्रतिशत बताई थी। उस समय कैरेन बैस 23 प्रतिशत और मीडिया हस्ती स्पेंसर प्रैट 19 प्रतिशत पर थे। इससे यह भी दिखता है कि प्रेडिक्शन मार्केट कितनी तेजी से बदल सकते हैं।
केरल में जन्मी नित्या रमन इस समय लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल की सदस्य हैं। फरवरी में उनकी उम्मीदवारी को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका का समर्थन मिला था। यही संगठन पिछले साल न्यूयॉर्क सिटी में जोहरान ममदानी को मेयर चुनवाने में बड़ी भूमिका निभा चुका है।
रमन का चुनावी अभियान समाजवादी सोच पर आधारित है, जिसमें आवास, कीमतों पर नियंत्रण और पर्यावरण से जुड़े वादे शामिल हैं। नित्या रमन पेशे से शहरी योजनाकार हैं और बेघर लोगों के मुद्दों पर लंबे समय से काम करती रही हैं। वह 2022 में लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल में शपथ लेने वाली पहली महिला बनी थीं।
उन्होंने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से शहरी योजना में स्नातक और परास्नातक की डिग्री प्राप्त की है। रमन को इंडियन अमेरिकन इम्पैक्ट और स्ट्रीट्स फॉर ऑल जैसे संगठनों का समर्थन मिला है। उनकी राजनीतिक पहचान को प्रगतिशील समूहों और स्वयंसेवकों के नेटवर्क ने भी मजबूत किया है।
रमन पहले मौजूदा मेयर कैरेन बैस की करीबी सहयोगी और समर्थक रही हैं। लेकिन चुनाव लड़ने की घोषणा के बाद उन्होंने बैस की कई नीतियों की खुलकर आलोचना की। उन्होंने बेघर लोगों के लिए चलाई जा रही इनसाइड सेफ योजना की आलोचना करते हुए खर्च और काम करने के तरीके में बदलाव की मांग की।
उन्होंने आवास, महंगाई और अपराध जैसे मुद्दों पर भी मौजूदा मेयर की नीतियों का विरोध किया है। आपको बताएं कि लॉस एंजेलिस मेयर चुनाव 2 जून को होगा। अगर किसी भी उम्मीदवार को पूर्ण बहुमत नहीं मिलता तो 3 नवंबर को दोबारा रनऑफ चुनाव कराया जाएगा।
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