भारत में एआई इम्पैक्ट समिट / IANS/Prem Nath Pandey
माइक्रोसॉफ्ट ने 18 फरवरी को घोषणा की कि वह इस दशक के अंत तक 'ग्लोबल साउथ' (विकासशील देशों) में AI के विस्तार के लिए 50 अरब डॉलर निवेश करने की राह पर है। कंपनी के अध्यक्ष ब्रैड स्मिथ और मुख्य उत्तरदायी AI अधिकारी नताशा क्रैम्पटन ने एक ब्लॉग पोस्ट में बताया कि वर्तमान में विकसित देशों (ग्लोबल नॉर्थ) में AI का उपयोग विकासशील देशों की तुलना में दोगुना है, और यह अंतर लगातार बढ़ रहा है।
भारत के लिए प्रमुख घौषणाएं
भारत में AI के प्रभाव को बढ़ाने के लिए माइक्रोसॉफ्ट ने कई गेम-चेंजिंग कदम उठाए हैं, जिनमें 'एलिवेट फॉर एजुकेटर्स' कार्यक्रम के जरिए 2 लाख से अधिक संस्थानों के 20 लाख शिक्षकों को प्रशिक्षित करना शामिल है, जिससे प्रत्यक्ष रूप से 80 लाख छात्रों को लाभ होगा।
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इसके साथ ही, कंपनी ने 2030 तक भारत के 2 करोड़ लोगों को AI कौशल से लैस करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है और स्थानीय भाषाओं व सांस्कृतिक बारीकियों को समझने के लिए 'समीक्षा' जैसी मूल्यांकन पद्धति पर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि भारत 2.4 करोड़ डेवलपर्स के साथ गिटहब (GitHub) पर दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुदाय बन चुका है, जो 2020 से सालाना 26% से अधिक की दर से बढ़कर देश को वैश्विक AI क्रांति के केंद्र में स्थापित कर रहा है।
AI प्रभाव के लिए पांच-सूत्रीय कार्यक्रम
माइक्रोसॉफ्ट ने वैश्विक AI अंतर को समाप्त करने के लिए एक व्यापक पांच-सूत्रीय रणनीति तैयार की है, जिसके तहत सबसे पहले डेटा सेंटर जैसे मजबूत बुनियादी ढांचे का निर्माण किया जाएगा ताकि तकनीक का प्रसार आसान हो सके।
इसके साथ ही, स्कूलों और गैर-लाभकारी संस्थाओं को तकनीक और कौशल से लैस कर सशक्तीकरण सुनिश्चित किया जाएगा, जबकि AI में बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक क्षमताओं को शामिल कर इसे अधिक समावेशी बनाया जाएगा। यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय नवाचारों को बढ़ावा देगा जो सीधे सामुदायिक जरूरतों को पूरा करते हैं, बल्कि सटीक मापन और डेटा के माध्यम से भविष्य की AI नीतियों और निवेशों का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।
पिछले वित्त वर्ष में, माइक्रोसॉफ्ट ने भारत, मेक्सिको, अफ्रीका और दक्षिण पूर्व एशिया सहित ग्लोबल साउथ के देशों में डेटा सेंटर बुनियादी ढांचे के लिए $8 बिलियन से अधिक का निवेश किया है।
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