ADVERTISEMENT

ADVERTISEMENT

US: नकली पासपोर्ट से जुड़े बड़े फ्रॉड नेटवर्क का भंडाफोड़, दो आरोपियों को जेल

ब्रुकलिन (न्यूयॉर्क) की रहने वाली 32 वर्षीय सिएरा जूलिएथ ब्लास को 7 अप्रैल 2026 को 10 साल (120 महीने) की जेल की सजा दी गई, जबकि न्यूयॉर्क की 41 वर्षीय केली जोसेक को जनवरी 2026 में इसी तरह के आरोपों में 90 महीने की सजा सुनाई गई।

Representative Image / IANS

अमेरिकी विदेश विभाग की डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस की वर्षों लंबी जांच के बाद नकली अमेरिकी पासपोर्ट कार्ड और फर्जी पहचान के जरिए कई राज्यों में चल रहे बड़े धोखाधड़ी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया है। इस मामले में दो मुख्य आरोपियों को जेल की सजा सुनाई गई है।

 ब्रुकलिन (न्यूयॉर्क) की रहने वाली 32 वर्षीय सिएरा जूलिएथ ब्लास को 7 अप्रैल 2026 को 10 साल (120 महीने) की जेल की सजा दी गई, जबकि न्यूयॉर्क की 41 वर्षीय केली जोसेक को जनवरी 2026 में इसी तरह के आरोपों में 90 महीने की सजा सुनाई गई।

डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस के अनुसार, इस मामले की शुरुआत टेक्सास में एक सामान्य ट्रैफिक चेकिंग के दौरान हुई थी। पुलिस ने एक वाहन को रोका, जिसे ब्लास चला रही थी और जिसमें जोसेक भी मौजूद था। तलाशी के दौरान पुलिस को सात नकली अमेरिकी पासपोर्ट कार्ड और बैंक कार्ड मिले।

इसके बाद जांच शुरू हुई, जिसमें पता चला कि यह एक संगठित नेटवर्क था जो लोगों की चोरी की गई पहचान का इस्तेमाल कर नकली पासपोर्ट कार्ड बनाता था और अमेरिका भर में उनके बैंक खातों से पैसे निकालता था।

जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने 80 से अधिक लोगों की पहचान और 12 व्यक्तियों की पासपोर्ट जैसी तस्वीरों का इस्तेमाल कर फर्जी दस्तावेज बनाए। इन दस्तावेजों के जरिए उन्होंने पीड़ितों के खातों से पैसे निकाले, ट्रांसफर किए और बैंकिंग लेनदेन के जरिए धोखाधड़ी की।

डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस के अनुसार, इस धोखाधड़ी से पीड़ितों को 13 लाख डॉलर से अधिक का नुकसान हुआ, जबकि कुल मिलाकर 80 लाख डॉलर से ज्यादा के फ्रॉड और करीब 2,500 लोगों के प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई है।

ब्लास को 2022 में भी गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उसने जमानत शर्तों का उल्लंघन कर फरार हो गई थी। बाद में जांच एजेंसियों ने वित्तीय ट्रैकिंग और खुफिया जानकारी के जरिए उसे ह्यूस्टन में एक फर्जी पहचान से किराए पर लिए गए घर से पकड़ लिया।

जनवरी 2025 में उसे अमेरिकी मार्शल सर्विस की मदद से गिरफ्तार किया गया। उसके ठिकाने से नकली अमेरिकी ट्रेजरी चेक, फर्जी पासपोर्ट कार्ड, हथियार और फर्जी पहचान बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए गए।

इसके बाद एक दोनों आरोपियों के खिलाफ 33 अतिरिक्त आरोप तय किए गए, जिनमें पहचान की चोरी, बैंक फ्रॉड, वायर फ्रॉड और नकली पासपोर्ट रखने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

डिप्लोमैटिक सिक्योरिटी सर्विस अमेरिकी विदेश विभाग की वह एजेंसी है जो पासपोर्ट और वीजा धोखाधड़ी की जांच करती है और अमेरिकी यात्रा दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। हाल के वर्षों में यह एजेंसी पहचान चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी के नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज कर रही है।
 

Comments

Related

To continue...

Already have an account? Log in

Create your free account or log in