कॉन्सुल जनरल के. श्रीकर रेड्डी सैन फ्रांसिस्को में 'एनविजन इंडिया 2026' कॉन्फ्रेंस में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए। / X
बीती 11 जून को सैन फ्रांसिस्को के सेल्सफोर्स टॉवर में एशिया सोसाइटी नॉर्दर्न कैलिफोर्निया द्वारा आयोजित पांचवें सालाना 'एनविजन इंडिया कॉन्फ्रेंस' में भारत के बढ़ते आर्थिक प्रभाव और भारत-अमेरिका की बढ़ती साझेदारी पर खास तौर पर चर्चा हुई।
इस कॉन्फ्रेंस में बिजनेस, सरकार, टेक्नोलॉजी, एकेडेमिया और एंटरप्रेन्योरशिप के लीडर्स एक साथ आए ताकि ग्लोबल इनोवेशन, इन्वेस्टमेंट और सस्टेनेबल ग्रोथ को आकार देने में भारत की भूमिका पर चर्चा की जा सके।
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कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए, कॉन्सल जनरल के. श्रीकर रेड्डी ने भारत के मजबूत आर्थिक प्रदर्शन, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, 'ईज-ऑफ-डूइंग-बिजनेस' सुधारों और विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) की लगातार बढ़ती गति पर प्रकाश डाला। उन्होंने व्यापार, निवेश, उभरती टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप ईकोसिस्टम में भारत-अमेरिका के मजबूत होते आर्थिक संबंधों पर भी जोर दिया।
शुरुआती भाषण एशिया सोसाइटी नॉर्दर्न कैलिफोर्निया और सिएटल की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मार्गरेट कॉनली और सेल्सफोर्स में रियल एस्टेट और वर्कप्लेस सर्विसेज की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रेलिना बुलचंदानी ने दिए।
कॉन्फ्रेंस में चार सेशन हुए जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर और कैपिटल, भारतीय सिनेमा का बढ़ता ग्लोबल प्रभाव, अमेरिकी टेक्नोलॉजी सेक्टर में भारतीय प्रवासियों का योगदान और भारत के एनर्जी ट्रांजिशन (ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव) पर चर्चा की गई।
वक्ताओं में NVIDIA के पूर्व एग्जीक्यूटिव शंकर त्रिवेदी, Lightspeed India के पार्टनर देव खरे, WestBridge Capital के प्रिंसिपल मंथन शाह, फिल्ममेकर स्मृति मुंध्रा, SFFILM की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ऐनी लाई, टेक्नोलॉजी एंटरप्रेन्योर विनीता गुप्ता, सिएटल यूनिवर्सिटी की लॉ प्रोफेसर शीतल कलंत्री, Lockwood AI की फाउंडर मानसी शाह, UC बर्कले के इंडिया एनर्जी एंड क्लाइमेट सेंटर की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्रुति देवराह और Khosla Ventures के पार्टनर राजेश स्वामीनाथन शामिल थे।
Consul General @srikar_koppula delivered the opening address at the 5th annual Envision India Conference 2026 of @asiasocietysf, hosted at the iconic @Salesforce Tower on June 11, highlighting India's robust economy, digital public infrastructure, ease of doing business reforms,… pic.twitter.com/3lonaEy1NL
— India in San Francisco (@CGISFO) June 13, 2026
कॉन्फ्रेंस का एक मुख्य विषय अमेरिका में इनोवेशन और आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में भारतीय मूल के लोगों (डायस्पोरा) की भूमिका थी।
वक्ताओं में अजय जैन भुटोरिया भी शामिल थे, जो पहले राष्ट्रपति जो बाइडन के 'एशियन अमेरिकन्स, नेटिव हवाईअन्स और पैसिफिक आइलैंडर्स' पर बनी सलाहकार समिति में काम कर चुके हैं। कार्यक्रम के बाद, भुटोरिया ने भारतीय-अमेरिकियों के आर्थिक योगदान पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह समुदाय अमेरिका की कुल आबादी का लगभग 1.5 प्रतिशत है, लेकिन फेडरल इनकम टैक्स में इनका योगदान अनुमानित 6 प्रतिशत है।
X पर एक पोस्ट में, भुटोरिया ने इनोवेशन और हेल्थकेयर के क्षेत्रों में इस समुदाय की मौजूदगी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अमेरिका में लगभग 10 प्रतिशत पेटेंट और डॉक्टरों के पद भारतीय-अमेरिकियों के पास हैं। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां अमेरिकी समाज और अर्थव्यवस्था में इस समुदाय के बहुत बड़े योगदान को दिखाती हैं।
भुटोरिया ने कुछ राजनीतिक बयानों से जुड़ी भारत-विरोधी सोच में बढ़ोतरी पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारतीय-अमेरिकियों की सफलता की वजह से कुछ हलकों में उनकी आलोचना भी बढ़ रही है।
At the Asiatic Society SF Envision India conference,I broke down a stark reality:Indian Americans are just 1.5% of the US but contribute 6% of taxes,hold 10% of patents/doctor roles.Yetour massive success has sparked a rising wave of anti-Indian MAGA Hate backlash. Watch my take pic.twitter.com/J1Gx8jFpoC
— Ajay Jain Bhutoria (@ajainb) June 13, 2026
इस कॉन्फ्रेंस में टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप और ग्लोबल इकोनॉमिक डेवलपमेंट से जुड़ी बातचीत में भारत और भारतीय डायस्पोरा की बढ़ती अहमियत दिखाई दी। जैसे-जैसे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक के तौर पर उभर रहा है, आयोजकों का कहना है कि 'एनविजन इंडिया' जैसे फोरम दोनों देशों के लीडर्स, इनोवेटर्स और पॉलिसीमेकर्स के बीच संबंध मजबूत करने के लिए एक अहम मंच देते हैं।
यह सालाना आयोजन भारत-अमेरिका सहयोग के भविष्य पर चर्चा के लिए एक अहम जगह बन गया है, खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लीन एनर्जी, वेंचर कैपिटल और टैलेंट मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में।
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