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हवाई में भारत-अमेरिका सैन्य वार्ता, रक्षा सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

भारतीय सेना के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता उप सेना प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और अमेरिकी सेना प्रशांत के उप कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल ने की।

 भारत और अमेरिका ने हवाई में सेना-स्तर की बातचीत की और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। भारत और अमेरिका ने हवाई में सेना-स्तर की बातचीत की और रक्षा सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। / X@adgpi

 हवाई में 29वीं  भारत और अमेरिका ने 'आर्मी-टू-आर्मी स्टाफ वार्ता' आयोजित की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा हुई। साथ ही, दोनों पक्षों ने अपने रणनीतिक साझेदारी संबंधों को और गहरा करने की प्रतिबद्धता दोहराई। 

भारतीय सेना के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता उप सेना प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई और अमेरिकी सेना प्रशांत के उप कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल वोवेल ने की।

भारतीय सेना ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा की। उन्होंने कहा, "चर्चा का मुख्य फोकस द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करना, सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, पेशेवर आदान-प्रदान का विस्तार करना और साझा सुरक्षा हितों के लिए सैन्य सहयोग को गहरा करना था। दोनों पक्षों ने सेना के बीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।"

पिछले सप्ताह, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने सिंगापुर में अमेरिकी कांग्रेस के द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल (सीओडीईएल) के प्रमुख और हाउस आर्म्ड सर्विसेज कमेटी के सदस्य पैट हैरिगन से मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग के विस्तार और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक हितों पर चर्चा हुई।

रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर बताया कि इस बातचीत ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी की मजबूती को फिर रेखांकित किया था। दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग बढ़ाने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा रणनीतिक लक्ष्यों को आगे बढ़ाने पर विचार-विमर्श किया।

इससे पहले 24 मई को, अमेरिकी विदेश मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रूबियो ने नई दिल्ली में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की थी। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग, विशेष रूप से टीआरयूएसटी (ट्रस्ट) पहल, पर चर्चा हुई थी।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों ने भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को उच्च प्राथमिकता देने की बात दोहराई। साथ ही, उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।
 

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