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अमेरिकन होने की कसौटी विरासत नहीं, रामास्वामी के समर्थन में रिपब्लिकन नेता

महक कुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं अमेरिकी हूं। मैं यहां कानूनी तरीके से आई और मैंने यहां के कानून, संस्कृति और साझा मूल्यों को अपनाया।

रिपब्लिकन नेता महक और विवेक रामास्वामी / X/@MehekCooke

भारतीय मूल की MAGA समर्थक वकील और रिपब्लिकन नेता महक कुक ने अमेरिका के कंज़र्वेटिव आंदोलन के भीतर चल रही बहस पर खुलकर अपनी राय रखी है। उन्होंने साफ कहा है कि अमेरिकन होने की पहचान वंश या नस्ल से नहीं, बल्कि कानून का पालन और समाज में घुलने-मिलने (assimilation) से तय होती है। महक कुक ने रिपब्लिकन नेता विवेक रामास्वामी के उस रुख का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने ‘हेरिटेज अमेरिकनिज़्म’ यानी वंश आधारित अमेरिकी पहचान की अवधारणा को खारिज किया था।

महक कुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “मैं अमेरिकी हूं। मैं यहां कानूनी तरीके से आई और मैंने यहां के कानून, संस्कृति और साझा मूल्यों को अपनाया। कोई भी मेरी अमेरिकन पहचान को रैंक नहीं कर सकता। असली विभाजन वंश नहीं है, बल्कि कानूनी प्रवास और आत्मसात करने का है।” उन्होंने यह भी बताया कि विवेक रामास्वामी के भाषण के बाद उन्होंने उनसे बैकस्टेज बातचीत की और उनकी स्पष्ट सोच की सराहना की।

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महक कुक का जन्म भारत में हुआ था और वे बचपन में अमेरिका चली गई थीं। उनका पालन-पोषण ओहायो में हुआ। वर्तमान में वे अमेरिकन फ्रंटियर स्ट्रैटेजीज़ की अध्यक्ष हैं और इससे पहले ओहायो गवर्नर कार्यालय तथा दक्षिणी ओहायो के लिए अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय में भी काम कर चुकी हैं। वे नियमित रूप से मीडिया में राजनीतिक मुद्दों पर टिप्पणी करती हैं और रिपब्लिकन नेशनल कमेटी की ओर से इमिग्रेशन, चुनाव और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर सलाहकार की भूमिका निभा चुकी हैं।

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