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नफरत वाली हरकत: फ्रिस्को में तिरंगे का अपमान, भारतीय-अमेरिकी सांसदों ने की निंदा

कांग्रेस सदस्य राजा कृष्णमूर्ति, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम ने एक संयुक्त बयान जारी कर घटना की निंदा की।

 (ऊपर बाएं से दाएं) प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम और रो खन्ना। (नीचे बाएं से दाएं) अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार। (ऊपर बाएं से दाएं) प्रमिला जयपाल, सुहास सुब्रमण्यम और रो खन्ना। (नीचे बाएं से दाएं) अमी बेरा, राजा कृष्णमूर्ति, श्री थानेदार। / File Foto

'समोसा कॉकस' (भारतीय-अमेरिकी सांसद) ने फ्रिस्को में भारतीय ध्वज के अपमान की घटना की निंदा करते हुए इसे एक ऐसी हरकत बताया जो भारत-विरोधी हिंसा और विदेशियों के प्रति नफरत (जेनोफोबिया) को बढ़ावा देती है।

इस महीने की शुरुआत में, टेकसस के फ्रिस्को सिटी हॉल के बाहर आव्रजन-विरोधी (anti-immigration) विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति द्वारा भारतीय झंडा फाड़ने का वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ और लोगों में गुस्सा फैल गया।

वीडियो में टेक्सस के रहने वाले क्लेटन वॉकर नाम के व्यक्ति को तिरंगा फाड़ते हुए देखा गया, जबकि प्रदर्शनकारी नारे लगा रहे थे और भारत-विरोधी बातें कह रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने इस सभा को टेक्सस में 'भारतीय आव्रजन आक्रमण' के विरोध के तौर पर बताया।

अमेरिकी कांग्रेस के छह भारतीय-अमेरिकी सदस्यों - राजा कृष्णमूर्ति, अमी बेरा, प्रमिला जयपाल, रो खन्ना, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम - ने इस घटना की निंदा करते हुए एक संयुक्त बयान जारी किया।

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कानून निर्माताओं ने फ्रिस्को और पूरे अमेरिका में भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ एकजुटता व्यक्त की और कहा कि हर किसी को बिना किसी डर, उत्पीड़न और भेदभाव के सम्मान और सुरक्षा के साथ जीने का अधिकार है।

कानून निर्माताओं ने इस घटना को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार के संदर्भ में भी देखा और कहा कि हम सभी अमेरिकियों के लिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के संवैधानिक अधिकार का पुरजोर समर्थन करते हैं। साथ ही, हम फ्रिस्को सिटी हॉल के बाहर भारतीय झंडा फाड़ने और भारत-विरोधी नफरत भरी बातों की निंदा करते हैं, जो भारत-विरोधी हिंसा और विदेशियों के प्रति नफरत को बढ़ावा देती हैं।

उन्होंने आगे कहा कि किसी भी समुदाय को निशाना बनाकर की गई नफरत और डराने-धमकाने वाली हरकतें अस्वीकार्य हैं और हमारे देश में इनके लिए कोई जगह नहीं है।

भारत-विरोधी और भारतीय-अमेरिकी-विरोधी नफरत भरी बातों की निंदा करते हुए 'समोसा कॉकस' ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय-अमेरिकी समुदाय हमारे देश का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और यह समुदाय सुरक्षित और सम्मानित महसूस करने का हकदार है।

कॉकस ने कहा- चूंकि भारतीय-अमेरिकी और दक्षिण एशियाई-अमेरिकी उत्पीड़न, विदेशियों के प्रति नफरत और नफरत भरी बातों का सामना कर रहे हैं, इसलिए नेताओं को स्पष्ट रूप से बोलना चाहिए: किसी भी समुदाय को निशाना बनाने वाली नफरत को बर्दाश्त या नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

कांग्रेस सदस्य श्री थानेदार ने पहले ही इस घटना की निंदा करते हुए इसे नफरत की घिनौनी हरकत बताया था। उन्होंने भारतीय-अमेरिकी समुदाय के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया। सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में थानेदार ने कहा कि प्रवासी हमारे देश को मजबूत बनाते हैं। भारतीय-अमेरिकियों और हर क्षेत्र में उनके जबरदस्त हुनर ​​का अमेरिकी इतिहास में एक खास स्थान है।

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