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लुइसियाना चाइल्ड पोर्न केस: भारतीय नागरिक ने स्वीकार किया अपराध, सजा 17 जून को

अदालत के रिकॉर्ड के अनुसार, उसने नाबालिगों के यौन शोषण को दर्शाने वाली 600 से अधिक फाइलें अपने पास रखने की बात स्वीकार की।

 सांकेतिक चित्र... सांकेतिक चित्र... / Pexels

लुइसियाना के पूर्वी जिले के अटॉर्नी कार्यालय के मुताबिक एक भारतीय नागरिक ने लुइसियाना की संघीय अदालत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री को लाने-ले जाने और अपने पास रखने का जुर्म कबूल कर लिया है। अटॉर्नी डेविड आई कोर्सल ने बताया कि आशीष कपूर, जिसे 'रोमी कपूर' के नाम से भी जाना जाता है (उम्र 28), ने 18 मार्च को बच्चों की अश्लील सामग्री (चाइल्ड पोर्नोग्राफी) को लाने-ले जाने के एक आरोप और उसे अपने पास रखने के एक आरोप में अपना जुर्म कबूल कर लिया।

संघीय अभियोजकों के अनुसार, कपूर 21 फरवरी, 2024 के आस-पास भारत के बॉम्बे से न्यू ऑरलियन्स आया था। उसके पास एक सेलफोन था जिसमें ऐसे डिजिटल वीडियो और तस्वीरें थीं जिनमें नाबालिगों को यौन रूप से आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त दिखाया गया था।

अभियोजकों ने बताया कि कपूर ने 11 अप्रैल, 2024 को एक वीडियो भी डाउनलोड किया था जिसमें एक बच्चे का यौन शोषण दिखाया गया था। उसने यह वीडियो न्यू ऑरलियन्स में अपने घर से जुड़े एक इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस का इस्तेमाल करके डाउनलोड किया था। कपूर को 20 दिसंबर, 2024 को होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन के विशेष एजेंटों और न्यू ऑरलियन्स पुलिस विभाग के अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।

अदालत में पेश किए गए तथ्यों के आधार पर, कपूर ने एक रिकॉर्ड किए गए बयान में यह स्वीकार किया कि उसने अपने सेलफोन पर व्हाट्सएप के जरिए बच्चों की अश्लील सामग्री देखी और प्राप्त की थी। संघीय अभियोजकों ने बताया कि कपूर ने यह भी स्वीकार किया कि उसके पास नाबालिगों के यौन शोषण को दर्शाने वाली 600 से ज़्यादा तस्वीरें थीं। अदालत के रिकॉर्ड में यह भी बताया गया है कि इस सामग्री में क्रूर या आत्म-पीड़क व्यवहार, और शिशुओं व छोटे बच्चों के यौन शोषण को दर्शाने वाली तस्वीरें शामिल थीं।

सामग्री को लाने-ले जाने के आरोप में कपूर को 20 साल तक की जेल हो सकती है। सामग्री को अपने पास रखने के आरोप में उसे कम से कम पांच साल और ज्यादा से ज्यादा 20 साल की जेल की सजा हो सकती है।

इसके अलावा, उसे हर आरोप के लिए $250,000 तक का जुर्माना, जीवन भर तक निगरानी में रहने की सजा, और हर आरोप के लिए $100 का अनिवार्य विशेष मूल्यांकन शुल्क भी देना पड़ सकता है। उसे 'यौन अपराधी पंजीकरण और अधिसूचना अधिनियम' के तहत अपना पंजीकरण करवाना भी जरूरी होगा।

अमेरिकी जिला न्यायाधीश ग्रेग जी गाइद्री इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं और उन्होंने सजा सुनाने के लिए 17 जून, 2026 की तारीख तय की है। इस मामले की जांच होमलैंड सिक्योरिटी इन्वेस्टिगेशन, अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा विभाग, और न्यू ऑरलियन्स पुलिस विभाग ने मिलकर की थी। इस मामले की पैरवी पब्लिक इंटीग्रिटी यूनिट की सहायक अटॉर्नी मारिया एम. कार्बनी कर रही हैं।

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