महेंद्र मखीजानी / X/ @USAttyEssayli
अमेरिकी अधिकारियों ने भारत के एक कानूनी स्थायी निवासी को एक बैंक से लगभग 10 करोड़ डॉलर (100 मिलियन डॉलर) की धोखाधड़ी करने की कथित योजना के सिलसिले में गिरफ्तार किया और आरोप लगाए हैं। कैलिफोर्निया के कोरोना डेल मार के रहने वाले 44 वर्षीय महेंद्र मखीजानी को 11 जून को एक संघीय आपराधिक शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था।
अभियोजकों का आरोप है कि मखीजानी 'कैंटर ग्रुप V LLC' को नियंत्रित करते थे। न्यूपोर्ट बीच स्थित इस कंपनी ने एक ऋण समझौता किया था, जिसके तहत उसे बैंक के पास गिरवी के तौर पर केवल 'फर्स्ट-लीन' (प्राथमिक अधिकार वाले) रियल एस्टेट लोन ही रखने थे।
Mahender Makhijani, 44, a lawful permanent resident from India living in Corona del Mar, was arrested this morning on a federal criminal complaint charging him with defrauding a bank out of nearly $100 million.
— F.A. United States Attorney Bill Essayli (@USAttyEssayli) June 10, 2026
Makhijani controlled Cantor Group V LLC, a Newport Beach-based… pic.twitter.com/wEcSe5mQpW
शिकायत के अनुसार, सितंबर 2024 और अप्रैल 2025 के बीच, मखीजानी ने कथित तौर पर टाइटल इंश्योरेंस पॉलिसी में हेरफेर की ताकि ऐसा लगे कि कुछ प्रॉपर्टीज पर कैंटर ग्रुप का पहला अधिकार (first-lien) है, जबकि असल में दूसरे लेनदारों का दावा प्राथमिकता वाला था।
फेडरल अधिकारियों का आरोप है कि मखीजानी और उनके एक सहयोगी ने एडोब (Adobe) सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके दस्तावेजों में जालसाजी की, मेटाडेटा बदला और बैंक को गलत रिकॉर्ड सौंपे। अभियोजकों का यह भी दावा है कि कथित धोखाधड़ी को छिपाने के लिए बैंक को फोन कॉल और स्प्रेडशीट के जरिए गुमराह करने वाली जानकारी दी गई।
U.S. अटॉर्नी ऑफिस के अधिकारियों ने कहा कि इस कथित योजना के कारण बैंक को लगभग 100 मिलियन डॉलर का नुकसान हो सकता था।
कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के फर्स्ट असिस्टेंट U.S. अटॉर्नी बिल एसेली ने सोशल मीडिया पर जारी एक बयान में कहा कि हमारे देश की अर्थव्यवस्था और कल्याण एक मजबूत बैंकिंग सिस्टम पर निर्भर करते हैं। जब उधार देने वालों को धोखा दिया जाता है, तो इसका असर ग्राहकों और व्यवसायों पर भी पड़ता है।
मखीजानी को 10 जून को सांता एना की U.S. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश होना था। अगर वे दोषी पाए जाते हैं, तो उन्हें फेडरल जेल में अधिकतम 30 साल की सजा हो सकती है।
फेडरल अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि आपराधिक शिकायत में केवल आरोप शामिल होते हैं और मखीजानी को तब तक निर्दोष माना जाएगा जब तक कि अदालत में उनका दोष साबित न हो जाए।
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