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भारतीय दूतावास ने कहा, सिंधु घाटी सभ्यता से उत्पन्न योग आज विश्व भर में फैल गया है

अमेरिका में भारत की उप राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन ने कहा कि 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने योग के वैश्विक आकर्षण और महत्व को पहचाना और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। भारत ने प्रस्ताव पेश किया था जिसको रेकॉर्ड 175 सदस्य देशों ने समर्थन दिया।

वाशिंगटन में भारतीय दूतावास ने 16 जून को 10वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया। / Indian Embassy in Washington

अमेरिका में भारतीय दूतावास ने 16 जून को वाशिंगटन डीसी में पोटोमैक नदी के किनारे एक खूबसूरत जगह व्हार्फ पर 10वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया। यह कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय नृत्य और प्रार्थना से शुरू हुई। इसके बाद, एक योग सत्र का आयोजन किया गया। इसके माध्यम से प्राचीन भारतीय परंपरा से प्रेरित एकता और सामंजस्य की भावना को उजागर किया गया।

इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का थीम है, 'स्वयं और समाज के लिए योग'। यह समग्र और संतुलित जीवन की अहमियत पर जोर देता है। इस कार्यक्रम में ऐसे तत्व भी शामिल थे जो रोजमर्रा की जिंदगी में मिलेट्स और पर्यावरण के अनुकूल उत्पादों और तरीकों को अपनाने को प्रोत्साहित करते हैं। अमेरिका में भारत की उप राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन ने इस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि 11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र ने योग के वैश्विक आकर्षण और महत्व को पहचाना और 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया। भारत ने प्रस्ताव पेश किया था जिसको रेकॉर्ड 175 सदस्य देशों ने समर्थन दिया।

उन्होंने जोर देकर कहा कि सिंधु घाटी सभ्यता से उत्पन्न योग विश्व भर में फैल गया है। लाखों लोग लगभग 5,000 सालों से इसका अभ्यास कर रहे हैं। रंगनाथन ने इस साल के थीम पर विस्तार से बताते हुए कहा कि योग व्यक्ति को सद्भाव और संतुलन की ओर ले जाता है। समाज के लिए एक उज्जवल भविष्य का मार्ग प्रशस्त करता है।

इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले अमेरिका में दूतावास और वाणिज्य दूतावासों ने कई सामुदायिक संगठनों और योग प्रेमियों की सक्रिय भागीदारी और समर्थन के साथ कई पूर्व-कार्यक्रम आयोजित किए हैं।

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