अमेरिका में भारत की उप प्रमुख मिशन नमग्या सी. खम्पा / Unofficial: Diplomats of India via Facebook
भारत और अमेरिका के बीच कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद रणनीतिक, आर्थिक, तकनीकी और सुरक्षा सहयोग पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ है। अमेरिका में भारत की उप प्रमुख मिशन नमग्या सी. खम्पा ने कहा कि भारत-अमेरिका संबंध 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण और निर्णायक साझेदारियों में से एक बन चुके हैं।
कैपिटल हिल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खम्पा ने कहा कि नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच बढ़ते रिश्तों की नींव साझा हितों, मजबूत आर्थिक सहयोग, तकनीकी साझेदारी, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका साझेदारी को 21वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण साझेदारियों में से एक बताया जाता है और यह बात पूरी तरह सही है। इसका कारण यह नहीं है कि हम हर मुद्दे पर 100 प्रतिशत सहमत हैं। स्वाभाविक रूप से कुछ मुद्दों पर मतभेद होते हैं, लेकिन इस रिश्ते के पीछे जो रणनीतिक सोच है, वह हर साल मजबूत होती जा रही है।
खम्पा की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार बढ़ाने, तकनीकी सहयोग को मजबूत करने और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा समन्वय को गहरा करने को लेकर बातचीत जारी है।
यह भी पढ़ें: तीन भारतीय-अमेरिकियों को पद्म पुरस्कार, भारत के राष्ट्रपति ने किया सम्मानित
सी. खम्पा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरे संबंध और मजबूत विश्वास का रिश्ता है।
भारतीय राजनयिक ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया भारत यात्रा का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने द्विपक्षीय बैठकों के अलावा क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में भी हिस्सा लिया था।
सी. खम्पा ने कहा कि व्यापार दोनों देशों के रिश्तों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना हुआ है। दोनों पक्षों के वार्ताकार द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दिशा में जल्द सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
उन्होंने कहा कि उद्देश्य केवल टैरिफ कम करना नहीं है, बल्कि एक अधिक मजबूत, गहरा, महत्वाकांक्षी और दोनों देशों के लिए लाभकारी आर्थिक साझेदारी तैयार करना है। उनके अनुसार भारत की बढ़ती ऊर्जा जरूरतें और अमेरिका के विशाल ऊर्जा संसाधन दोनों देशों को स्वाभाविक साझेदार बनाते हैं। कच्चे तेल, एलएनजी और नागरिक परमाणु ऊर्जा सहयोग में तेजी से प्रगति हो रही है।
तकनीक को भविष्य की साझेदारी का सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र बताते हुए खम्पा ने कहा कि एआई, सेमीकंडक्टर, एडवांस कंप्यूटिंग, क्वांटम कम्युनिकेशन और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकों में सहयोग दोनों देशों की प्राथमिकता है। साथ ही सप्लाई चेन को विविध बनाने और कुछ चुनिंदा तकनीकी केंद्रों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी काम हो रहा है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर उन्होंने कहा कि अब यह केवल सैन्य अभ्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि समुद्री सुरक्षा, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान, महत्वपूर्ण तकनीकों और आतंकवाद विरोधी प्रयासों तक फैल चुका है। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष भारत और अमेरिका ने 10 वर्षीय रक्षा ढांचा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जो भविष्य के सहयोग का रोडमैप तैयार करता है।
खम्पा ने क्वाड समूह (भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया) की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभा रहा है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि अमेरिका में रहने वाले 50 लाख से अधिक भारतीय मूल के लोगों ने दोनों देशों के सरकारी रिश्तों को एक व्यापक सामाजिक साझेदारी में बदल दिया है।
खम्पा ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय की व्यापार, चिकित्सा, तकनीक, उद्यमिता, शिक्षा और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्रों में अहम भूमिका की सराहना की और कहा कि यह समुदाय दोनों देशों के बीच एक मजबूत पुल का काम कर रहा है।
अन्य खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें न्यू इंडिया अब्रॉड
ADVERTISEMENT
ADVERTISEMENT
Comments
Start the conversation
Become a member of New India Abroad to start commenting.
Sign Up Now
Already have an account? Login