पीएम मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प / REUTERS/Nathan Howard
भारत ने संकेत दिया है कि अमेरिका के साथ लंबित ट्रेड डील इस साल के अंत तक अंतिम रूप ले सकती है। भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा है कि दोनों देशों के बीच ज्यादातर मुद्दों का समाधान हो चुका है और अब समझौता करीब है।
अमेरिका ने अगस्त के अंत से भारत से होने वाले आयात पर 50% तक टैरिफ लगा दिए थे, बावजूद इसके कि दोनों देशों के बीच वार्ता जारी थी। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बातचीत अच्छी चल रही है। ट्रम्प प्रशासन भारत पर रूस से तेल खरीद घटाने और कई संवेदनशील क्षेत्रों खासकर कृषि में टैरिफ कम करने का दबाव बना रहा है।
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एक कार्यक्रम में बोलते हुए अग्रवाल ने कहा, सबसे पहले फ्रेमवर्क ट्रेड डील जरूरी है, जो दोनों तरफ के टैरिफ को पारस्परिक रूप से संबोधित कर सके। हम अधिकांश मुद्दे सुलझा चुके हैं। अब जो थोड़ा बहुत बचा है, वह राजनीतिक स्तर पर निपटाया जा सकता है। उन्होंने आगे कहा, हम बहुत आशावादी हैं और उम्मीद है कि इस कैलेंडर वर्ष के भीतर समाधान मिल जाएगा।
इसबीच भारत का व्यापार घाटा अक्टूबर में बढ़कर 41.68 अरब डॉलर, जो अब तक का सबसे बड़ा स्तर है। यह उछाल सोने के आयात बढ़ने और अमेरिका को होने वाले निर्यात में गिरावट के कारण आया।
हालांकि, अग्रवाल ने कहा कि यह घाटा अभी चिंता के दायरे में नहीं है।
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