नौसेना प्रमुख वाइस एडमिरल तरुण सोबती बहरीन के प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा के साथ चर्चा करते हुए। / X/@indiannavy
भारत और बहरीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों तथा नौसैनिक सहयोग को और सुदृढ़ बनाने पर उच्चस्तरीय चर्चा हुई। भारतीय नौसेना के उप प्रमुख (डिप्टी चीफ ऑफ नेवल स्टाफ) वाइस एडमिरल तरुण सोबती ने रिफा पैलेस में बहरीन के प्रधानमंत्री और सशस्त्र बलों के उप सर्वोच्च कमांडर प्रिंस सलमान बिन हमद अल खलीफा से मुलाकात की।
भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि 10 फरवरी को हुई इस मुलाकात के दौरान सूचना साझाकरण, संयुक्त प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और भविष्य की युद्धक रणनीतियों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
इससे पहले इसी महीने विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा आयोजित 2026 क्रिटिकल मिनरल्स मिनिस्ट्रियल बैठक से पहले बहरीन के अपने समकक्ष अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जयानी से मुलाकात की थी।
जनवरी में बहरीन स्थित भारतीय दूतावास ने भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया, जिसमें अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जयानी मुख्य अतिथि रहे। दूतावास द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में सांसदों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, राजनयिक कोर के सदस्यों सहित 400 से अधिक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि कंबाइंड मैरीटाइम फोर्स (सीएमएफ) के नेतृत्व, प्रमुख व्यवसायी, बहरीन चैंबर और बहरीन इंडिया सोसाइटी के प्रतिनिधि, तीन प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार विजेता तथा भारतीय और बहरीनी समुदाय के सदस्य भी समारोह में शामिल हुए।
समारोह के दौरान ‘इंडो-बहरीन फ्रेंडशिप’ शीर्षक से एक पेंटिंग प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया। प्रसिद्ध बहरीनी रैपर हुस्साम असीम ने भी गणतंत्र दिवस समारोह में भाग लिया। वहीं बहरीन की उत्तराखंड सोसाइटी ने ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बांसुरी वादन प्रस्तुत किया।
पिछले वर्ष नवंबर में विदेश मंत्री जयशंकर और अब्दुल्लातिफ बिन राशिद अल जयानी ने नई दिल्ली में भारत-बहरीन उच्च संयुक्त आयोग (हाई जॉइंट कमीशन) की पांचवीं बैठक की सह-अध्यक्षता की थी। बैठक में व्यापार, सुरक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य, संस्कृति और जन-से-जन संपर्क जैसे क्षेत्रों में प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही अंतरिक्ष, फिनटेक और साइबर क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।
जयशंकर ने तब कहा था कि बहरीन द्वारा जीसीसी (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) की अध्यक्षता संभालने के साथ भारत-जीसीसी संबंध और गहरे होंगे। उन्होंने बहरीन में भारतीय समुदाय के कल्याण सुनिश्चित करने के लिए वहां के नेतृत्व का आभार भी व्यक्त किया था।
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