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इंडिया-AI इम्पैक्ट समिट 2026 को दिशा देंगी 5 अहम रिसर्च पहल

ये रिसर्च पहलें इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 को ठोस, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण प्रदान करेंगी और जिम्मेदार AI नवाचार में भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करेंगी।

प्रतीकात्मक तस्वीर / AI image

भारत जब फरवरी में राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 की मेज़बानी की तैयारी कर रहा है, तब इससे जुड़ी पांच प्रमुख रिसर्च-आधारित पहलें इस वैश्विक आयोजन की बौद्धिक नींव के रूप में उभर रही हैं। इन पहलों के जरिए भारत खुद को जिम्मेदार, समावेशी और प्रभाव-आधारित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का वैश्विक केंद्र, खासकर ग्लोबल साउथ के लिए, स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहा है।

इस प्रयास के केंद्र में IndiaAI द्वारा अंतरराष्ट्रीय और घरेलू संस्थानों के सहयोग से तैयार किए जा रहे पांच रिसर्च केसबुक और एक विशेष रिसर्च सिम्पोजियम हैं। इन पहलों का फोकस वास्तविक दुनिया में लागू AI समाधानों पर है, ताकि देशों को नैतिक, टिकाऊ और समावेशी AI को बड़े स्तर पर अपनाने का मार्गदर्शन मिल सके।

ऊर्जा क्षेत्र में AI
इनमें से एक अहम पहल AI for Energy Casebook है, जिसे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के साथ मिलकर तैयार किया गया है। इसमें नवीकरणीय ऊर्जा की भविष्यवाणी, ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने और औद्योगिक दक्षता सुधारने में AI के उपयोग को दस्तावेज़ किया गया है। यह केसबुक खासतौर पर उभरती अर्थव्यवस्थाओं में ऊर्जा सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने पर केंद्रित है।

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स्वास्थ्य सेवाओं में AI
स्वास्थ्य क्षेत्र में IndiaAI ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ साझेदारी की है। इस केसबुक में ग्लोबल साउथ में AI के व्यावहारिक उपयोग — जैसे डायग्नोस्टिक्स, रोग निगरानी, मातृ स्वास्थ्य, टेलीमेडिसिन और सप्लाई-चेन ऑप्टिमाइज़ेशन — को शामिल किया गया है, साथ ही जिम्मेदार विस्तार से जुड़े सबक भी दर्ज किए गए हैं।

जेंडर इक्विटी पर फोकस
UN Women India के सहयोग से तैयार किया गया जेंडर-ट्रांसफॉर्मेटिव AI सॉल्यूशंस कंपेंडियम महिलाओं की सुरक्षा, वित्तीय समावेशन, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास और जलवायु अनुकूलन में AI की भूमिका को रेखांकित करता है। यह पहल AI सिस्टम में मौजूद पूर्वाग्रहों को दूर करने के लिए प्रमाण-आधारित डिज़ाइन पर जोर देती है।

शिक्षा में AI का विस्तार
शिक्षा क्षेत्र के लिए CSF और EkStep Foundation के साथ मिलकर एक विशेष कंपेंडियम तैयार किया गया है। इसमें बुनियादी शिक्षा सुधारने, शिक्षकों को सहयोग देने और समावेशी शिक्षा को बढ़ावा देने वाले स्केलेबल AI समाधानों को दिखाया गया है। चयनित केस स्टडीज़ को समिट में प्रस्तुत किया जाएगा, जो वैश्विक स्तर पर AI अपनाने के लिए साक्ष्य आधार तैयार करेंगी।

कृषि क्षेत्र में AI
कृषि के क्षेत्र में IndiaAI, महाराष्ट्र सरकार के AI और एग्रीटेक इनोवेशन सेंटर तथा विश्व बैंक के साथ मिलकर ऐसे AI समाधानों को संकलित कर रहा है, जो किसानों और कृषि प्रणालियों को प्रत्यक्ष और मापनीय लाभ दे रहे हैं।

रिसर्च सिम्पोजियम भी होगा आयोजित
इन सभी प्रकाशनों के साथ-साथ “AI and Its Impact” पर रिसर्च सिम्पोजियम का आयोजन 18 फरवरी 2026 को भारत मंडपम में किया जाएगा। इसमें भारत और ग्लोबल साउथ के प्रमुख शोधकर्ता हिस्सा लेंगे और नीति, शोध तथा जमीनी क्रियान्वयन के बीच सेतु मजबूत करेंगे।

कुल मिलाकर, ये रिसर्च पहलें इंडिया–AI इम्पैक्ट समिट 2026 को ठोस, साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण प्रदान करेंगी और जिम्मेदार AI नवाचार में भारत की वैश्विक नेतृत्व भूमिका को और मजबूत करेंगी।

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