Yogi Adityanath / Photo IANS
भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में युद्ध का स्वरूप पूरी तरह बदल चुका है और अब यह “मल्टी-डोमेन ऑपरेशन्स” का रूप ले चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शांति, उदारता और समृद्धि की रक्षा के लिए शक्ति और सामर्थ्य अनिवार्य है।
नॉर्थ टेक सिम्पोजियम 2026 के समापन समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्… वसुधैव कुटुम्बकम् केवल एक श्लोक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का मूल भाव है। लेकिन उदारता की रक्षा के लिए उतनी ही शक्ति भी आवश्यक है।”
उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा, “क्षमा उसी को शोभा देती है, जिसके पास सामर्थ्य हो।” मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत अपनी सामरिक और आंतरिक शक्ति को आक्रामकता के लिए नहीं, बल्कि अपनी संप्रभुता और उदारता की रक्षा के लिए मजबूत कर रहा है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा, “आज का युद्ध केवल जल, थल और नभ तक सीमित नहीं है। साइबर, स्पेस और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम में भी एक साथ लड़ाई लड़ी जा रही है। अब ‘की-बोर्ड’ भी हथियार बन चुका है।”
उन्होंने कहा कि दुश्मन के नेटवर्क को बाधित करना और अपने सिस्टम को सुरक्षित रखना आधुनिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। उन्होंने कहा कि 2017 में सत्ता संभालने के बाद उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई। रूल ऑफ लॉ को धरातल पर उतारते हुए अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई, जिसका परिणाम है कि आज यूपी निवेश के लिए सबसे आकर्षक राज्यों में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर तेजी से विकसित हो रहा है। लखनऊ, कानपुर, झांसी, आगरा, चित्रकूट और अलीगढ़ में 35 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जमीन पर उतर रहा है। साथ ही उन्होंने बताया कि भारत का रक्षा निर्यात 600 करोड़ रुपये से बढ़कर 38 से 50 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।
उन्होंने कहा, “नेशन फर्स्ट केवल नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय का जीवन मंत्र होना चाहिए। हमारे सैनिकों की वजह से ही देश सुरक्षित है और नागरिक चैन की नींद सो पाते हैं।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुरक्षा, स्थिरता और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर ही समृद्धि की आधारशिला हैं और उत्तर प्रदेश आज इन्हीं के बल पर देश के “ग्रोथ इंजन” के रूप में उभर रहा है।
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