IIT दिल्ली / IIT Delhi
आईआईटी दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डीप-टेक और ऐसी ही अन्य कई आधुनिक टेक्नोलॉजी एक साथ आई हैं। खास बात यह है कि आईआईटी दिल्ली में यह आयोजन छात्रों के नेतृत्व में किया जा रहा है।
शुक्रवार से प्रारंभ हुए आईआईटी दिल्ली के इस कार्यक्रम को ‘बीई कॉन 26’ नाम दिया गया है। माना जा रहा है यह आयोजन टेक्नोलॉजी से जुड़े 25,000 से अधिक लोगों को आकर्षित करेगा। यह देश का एक बड़ा स्टार्टअप और बिजनेस सम्मेलन है। यह सम्मेलन पूरी तरह छात्रों की अगुवाई में हो रहा है और इसे देश के सबसे बड़े छात्र नेतृत्व वाले उद्यमिता समिट्स में गिना जाता है।
आईआईटी परिसर में हो रहे मुख्य सम्मेलन से पहले ‘बीई कॉन 26’ के क्षेत्रीय राउंड मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, गुवाहाटी और जयपुर में भी आयोजित किए गए थे। यहां स्थानीय स्टार्टअप्स, छात्र और निवेशकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। इन आयोजनों से देशभर के स्टार्टअप इकोसिस्टम को अच्छी मजबूती मिली है। आईआईटी दिल्ली का एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल ‘बीई कॉन 26’ नाम से यह कार्यक्रम कर रहा है। ‘बीई कॉन 26’ का मुख्य कार्यक्रम 30 जनवरी से शुरू हुआ है और यह 1 फरवरी तक आईआईटी दिल्ली कैंपस में जारी रहेगा।
इस सम्मेलन की थीम “इंजीनियरिंग द माइंड ऑफ मशीनज़: क्राफ्टेड इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड” है, यानी भारत में बनी तकनीक और मशीनें कैसे दुनिया के लिए तैयार की जा रही हैं। इस सम्मेलन में देशभर से बड़े उद्योगपति, स्टार्टअप फाउंडर, सीईओ, निवेशक, सरकारी अधिकारी, टेक एक्सपर्ट और युवा उद्यमी एक ही मंच पर नजर आएंगे। आयोजन में 5,000 से ज्यादा संस्थानों, इनक्यूबेटर्स और एक्सेलेरेटर्स के जुड़ने की उम्मीद है।
आईआईटी दिल्ली का कहना है कि ‘बीई कॉन 26’ में कई जाने-माने नाम अपने अनुभव साझा करेंगे। इनमें संजीव बिखचंदानी, प्रथम मित्तल, अशनीर ग्रोवर, राघव चंद्रा, वैभव तिवारी, नितिन जैन, शैलज नाग, नितिन त्यागी और तनमय भट्ट जैसे उद्यमी और बिजनेस लीडर्स शामिल हैं। ये सभी यहां छात्रों के साथ स्टार्टअप शुरू करने, उन्हें आगे बढ़ाने और इनोवेशन से जुड़े मुद्दों पर बात करेंगे।
सम्मेलन के दौरान कई खास गतिविधिया भी होंगी, जैसे स्टार्टअप आइडिया पेश करने के प्लेटफॉर्म, फंडिंग सेशन, इनक्यूबेटर्स समिट, नेटवर्किंग मीट्स, व गृह मंत्रालय के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर के हैकाथॉन। वहीं स्टार्टअप एक्सपो, ऑटो और टेक एक्सपो, वर्कशॉप्स, नीति से जुड़ी चर्चाएं और क्रिएटर्स कॉन्क्लेव भी इस कार्यक्रम का हिस्सा हैं। कुल मिलाकर यह युवाओं के लिए सीखने और जुड़ने का शानदार मौका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में होने वाला यह आयोजन देश के नए स्टार्टअप फाउंडर्स और इनोवेटर्स को आगे बढ़ने की दिशा दिखाएगा।
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