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हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में 'द इंडिया आई इमेजिन', वैश्विक शक्ति बनते भारत पर मंथन

"द इंडिया वी इमैजिन" (वह भारत जिसकी हम कल्पना करते हैं) की थीम पर आधारित इस सम्मेलन में राजनीति, व्यापार, मनोरंजन और खेल जगत की हस्तियों ने शिरकत की।

हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस / New India Abroad

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में 14 और 15 फरवरी को आयोजित 23वें वार्षिक हार्वर्ड इंडिया कॉन्फ्रेंस में भारत के भविष्य, इसकी चुनौतियों और वैश्विक प्रभाव पर विस्तृत चर्चा हुई। "द इंडिया वी इमैजिन" (वह भारत जिसकी हम कल्पना करते हैं) की थीम पर आधारित इस सम्मेलन में राजनीति, व्यापार, मनोरंजन और खेल जगत की हस्तियों ने शिरकत की।

शशि थरूर: संवैधानिक नैतिकता पर जोर
सांसद और लेखक शशि थरूर ने मुख्य भाषण (Keynote Address) देते हुए कहा कि भारत की कल्पना करना केवल एक सपना नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों के प्रति जिम्मेदारी है। उन्होंने 'संवैधानिक नैतिकता' शब्द पर जोर देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थानों की अखंडता ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की विश्वसनीयता तय करती है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत की असली ताकत उसकी बहस करने और विविधता को स्वीकार करने की क्षमता में है।

 

न्याय प्रणाली में तकनीकी क्रांति: हार्वर्ड में विशेषज्ञों का मंथन / New India Abroad

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