हरमीत ढिल्लों / Facebook
अमेरिकी न्याय विभाग में असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल (एएजी) हरमीत ढिल्लों ने एच-1बी वीजा धारकों की नियुक्तियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि न्याय विभाग उन संस्थानों की जांच करेगा जो अमेरिकी श्रमिकों की जगह असमान रूप से एच-1बी वीजा धारकों को नियुक्त कर रहे हैं। ढिल्लों ने इस मुद्दे को 'गहराई से समस्या पैदा करने वाला' बताते हुए संघीय अनुदान से जुड़ी भर्ती प्रथाओं की जांच के संकेत दिए हैं।
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एक्स पर पोस्ट किए गए वीडियो बयान में ढिल्लों ने कहा, "यह गहरी समस्या पैदा करने वाला है कि संघीय अनुदान उन संस्थानों को जाता है जो अमेरिकी श्रमिकों की तुलना में असमान रूप से एच-1बी वीजा श्रमिकों को नियुक्त करते हैं!" उन्होंने कहा, "हम अपने संघीय अनुदान को उन संस्थानों को दे रहे हैं जो असमान रूप से एच-1बी वीजा और अन्य कानूनी आप्रवासी वीजा श्रेणियों के लोगों को नियुक्त करते हैं, जबकि अमेरिकी हैं जो उन नौकरियों को कर सकते हैं। यह भी समस्या है।"
It is deeply problematic that federal funding flows to institutions that disproportionately hire H-1B visa workers over American workers. @TheJusticeDept will continue to root out this problem and protect the employment @CivilRights of Americans! pic.twitter.com/cAzBdoR71C
— AAGHarmeetDhillon (@AAGDhillon) February 25, 2026
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