काउंसिलमैन बर्ट ठाकुर / Burt Thakur for congress/website
फ्रिस्को सिटी काउंसिल के पहले भारतीय-अमेरिकी सदस्य बर्ट ठाकुर ने उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें उन पर इमिग्रेशन धोखाधड़ी और जनसांख्यिकीय हेरफेर का आरोप लगाया गया था। यह मामला 20 जनवरी को हुई सिटी काउंसिल बैठक के बाद सामने आया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
बैठक के दौरान स्थानीय निवासी और एक्टिविस्ट मार्क पलासियानो ने एच-1बी वीज़ा कार्यक्रम के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए दावा किया कि फ्रिस्को में जनसंख्या संरचना में बदलाव किसी संगठित साजिश का नतीजा है। उन्होंने मेयर और काउंसिल सदस्यों से सवाल किया कि उनके पास ऐसे दानदाता क्यों हैं जिनके भारतीय उपनाम हैं, लेकिन वे फ्रिस्को में रहते नहीं हैं।
पलासियानो ने यह भी आरोप लगाया कि फ्रिस्को से बाहर पते वाले कई भारतीय नागरिकों ने चुनावी अभियानों में चंदा दिया है और सवाल उठाया कि क्या इसके बदले उन्हें कोई लाभ मिला।
इन आरोपों पर चुप्पी तोड़ते हुए बर्ट ठाकुर ने द डलास एक्सप्रेस को दिए एक टेलीफोनिक इंटरव्यू में स्पष्ट किया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों का न तो संघीय इमिग्रेशन नीति पर कोई अधिकार है और न ही वीज़ा प्रवर्तन पर। उन्होंने इस बात को भी खारिज किया कि सिटी काउंसिल या स्थानीय प्रशासन किसी तरह के जनसांख्यिकीय बदलाव को नियंत्रित या संचालित कर रहा है।
I asked the Frisco Mayor and Frisco's First Indian City Council Member about their Indian Donors.
— Marc Palasciano (@marc_palasciano) January 21, 2026
There's A LOT of H-1B companies registered to their donors.
Every Texan should want answers to these questions because this impacts all of us.
YouTube Link in Reply https://t.co/bSfRToo0bW pic.twitter.com/BAlgiC53un
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