डोनाल्ड ट्रम्प और व्लादिमीर पुतिन / Xinhua/Lehtikuva/Heikki Saukkomaa/IANS
रूस और यूक्रेन के बीच शांति समझौते को लेकर लंबे समय से कोशिशें जारी हैं। एक तरफ शांति स्थापित करने के लिए वार्ता हो रही है, तो दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच संघर्ष भी जारी है। अब, रूसी मीडिया ने जानकारी दी है कि रूस, यूक्रेन और अमेरिका के बीच शुक्रवार को अबू धाबी में पहली बातचीत होगी।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बीते दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दूतों से मुलाकात की। इसके बाद क्रेमलिन के एक सीनियर सहयोगी ने यह बात कही है।
राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका-मिडिल ईस्ट दूत स्टीव विटकॉफ, ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर और फेडरल एक्विजिशन सर्विस कमिश्नर जोश ग्रुएनबाम के साथ लगभग चार घंटे तक बातचीत की। इस खास मुलाकात के दौरान रूस की तरफ से पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव और इन्वेस्टमेंट दूत किरिल दिमित्रिव ने भी हिस्सा लिया।
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पत्रकारों के साथ टेलीफोनिक बातचीत में उशाकोव ने इस मुलाकात को सार्थक, कंस्ट्रक्टिव और बहुत साफ बताया। उशाकोव ने कहा कि सुरक्षा पर तीन-तरफा कार्य समूह शुक्रवार को बाद में अबू धाबी में पहली बार मिलेगा।
उन्होंने आगे कहा कि जीआरयू मिलिट्री इंटेलिजेंस के प्रमुख एडमिरल इगोर कोस्त्युकोव के नेतृत्व वाली रूसी टीम को प्रेसिडेंट पुतिन ने खास निर्देश दिया है। त्रिपक्षीय बैठक के अलावा विटकॉफ और दिमित्रीव रूस-यूएस व्यापार पर चर्चा करने के लिए अबू धाबी में अलग-अलग मिलेंगे।
उशाकोव ने कहा कि रूसी पक्ष ने एक बार फिर जोर दिया कि मॉस्को और कीव के बीच शांति क्षेत्रीय मुद्दे को हल किए बिना नामुमकिन है। उन्होंने कहा, “हम यूक्रेनी संकट को राजनीतिक और कूटनीतिक तरीकों से हल करने में दिलचस्पी रखते हैं। हालांकि, अगर ऐसा नहीं होता है, तो रूस युद्ध के मैदान में अपने लक्ष्य हासिल करना जारी रखेगा, जहां रूसी सैनिकों की पहल है।”
गुरुवार को, ट्रम्प ने स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मौके पर यूक्रेनी नेता व्लादिमीर जेलेंस्की से मुलाकात की। जेलेंस्की से मुलाकात के बाद उन्होंने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा कि वे रूस और यूक्रेन के बीच शांति कायम करने की उम्मीद कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों के बीच सीमाओं के मुश्किल मुद्दे को भी माना।
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