एपस्टीन फाइल्स पर अमेरिकियों में सर्वे हुआ है। / U.S. Justice Department/Handout via REUTERS
यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के हाई-प्रोफाइल संपर्कों से जुड़े लाखों रिकॉर्ड सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका में आम जनता का गुस्सा और अविश्वास गहरा गया है। एक ताजा रॉयटर्स/इप्सोस सर्वे में यह बात सामने आई है कि अधिकांश अमेरिकी यह मानते हैं कि देश में अमीर और शक्तिशाली लोग अपने किए के लिए शायद ही कभी जवाबदेह ठहराए जाते हैं।
सर्वेक्षण के मुख्य निष्कर्ष
रॉयटर्स/इप्सोस के इस चार दिवसीय सर्वेक्षण के निष्कर्ष बताते हैं कि अमेरिका में व्यवस्था के प्रति अविश्वास गहरा है, जहाँ 69 प्रतिशत लोगों का मानना है कि एपस्टीन की फाइलें रसूखदार लोगों की जवाबदेही की कमी को उजागर करती हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस मुद्दे पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स के बीच दुर्लभ एकजुटता दिखी और 80 प्रतिशत से अधिक उत्तरदाताओं ने माना कि शक्तिशाली लोग अक्सर सजा से बच निकलते हैं। हालांकि, इस मामले को आगे खींचने पर राय बंटी हुई है; जहाँ 67 प्रतिशत रिपब्लिकन इसे पीछे छोड़कर आगे बढ़ने के पक्ष में हैं, वहीं केवल 21 प्रतिशत डेमोक्रेट्स ही इस विचार से सहमत नजर आए।
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दिग्गज नामों पर आंच
एपस्टीन मामले से जुड़े अदालती दस्तावेजों और न्याय विभाग के रिकॉर्ड्स ने अमेरिका के राजनीतिक और कॉरपोरेट जगत में हड़कंप मचा दिया है, जिसकी आंच कई दिग्गज हस्तियों तक पहुंची है। इन खुलासों के दबाव में गोल्डन सैक्स और हयात होटल्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के शीर्ष अधिकारियों को अपने पदों से इस्तीफा देना पड़ा है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में ट्रम्प प्रशासन के प्रमुख चेहरे भी चर्चा में हैं; दस्तावेजों के अनुसार वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक ने 2012 में एपस्टीन के निजी द्वीप का दौरा किया था, और डॉ. मेहमत ओज द्वारा 2016 में एपस्टीन को भेजे गए एक पार्टी निमंत्रण का भी खुलासा हुआ है। हालांकि इन अधिकारियों पर फिलहाल किसी सीधे अपराध का आरोप नहीं है, लेकिन इन संपर्कों ने शक्तिशाली हलकों में जवाबदेही और नैतिक मापदंडों पर नए सिरे से बहस छेड़ दी है।
राजनीतिक सरगर्मी और राष्ट्रपति ट्रम्प
यह घोटाला राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए एक बड़ी राजनीतिक चुनौती बना हुआ है। हालांकि ट्रम्प ने एपस्टीन के अपराधों की किसी भी जानकारी से इनकार किया है और कहा है कि उन्होंने 2000 के दशक की शुरुआत में ही उससे संबंध तोड़ लिए थे, लेकिन प्रशासन पर जानकारी छिपाने के आरोप लगते रहे हैं।
गौरतलब है कि जेफरी एपस्टीन ने 2008 में नाबालिग लड़की को वेश्यावृत्ति के लिए उकसाने का दोष स्वीकार किया था। 2019 में यौन तस्करी के आरोपों में गिरफ्तारी के बाद मैनहट्टन जेल में उसकी मृत्यु हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या करार दिया गया था।
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