ADVERTISEMENT

अमेरिका में 20 साल की कानूनी लड़ाई का सुखद अंत, रंधावा ने कहा- इस वजह से फंसाया गया

M & K Travel कॉरपोरेशन के सीईओ इकबाल एस रंधावा ने जांच को लेकर सार्वजनिक रूप से वेबर की भूमिका की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुकदमे के दौरान वेबर ने उनके खिलाफ पूर्वाग्रह और व्यक्तिगत दुश्मनी दिखाई। उन्होंने वेबर पर अधिकार के दुरुपयोग का आरोप लगाया।

M & K Travel कॉरपोरेशन के सीईओ इकबाल एस रंधावा को तमाम आरोपों से बरी कर दिया गया है। / NIA

एक महत्वपूर्ण कानूनी जीत में कैलिफोर्निया राज्य की एक अदालत ने एम एंड के ( M & K Travel) ट्रैवल कॉरपोरेशन के सीईओ इकबाल एस रंधावा को कैलिफोर्निया अटॉर्नी जनरल द्वारा उनके खिलाफ लगाए गए सभी आपराधिक आरोपों से बरी कर दिया है। यह फैसला निचली अदालत के दोष सिद्धि के फैसले को पूरी तरह से पलट देता है। रंधावा पर चोरी और साजिश का आरोप लगाया गया था। अपीलीय अदालत के हालिया फैसले ने इकबाल एस रंधावा के 20 साल की कानूनी लड़ाई का सुखद अंत कर दिया।

कोर्ट रेकॉर्ड और गवाही के अनुसार जांचकर्ता शर्ली वेबर की अगुवाई में कैलिफोर्निया न्याय विभाग ने जून या जुलाई 2003 में एम एंड के ट्रैवल की जांच शुरू की थी। इस अवधि के दौरान कंपनी और उसके अधिकारियों को कई आरोपों का सामना करना पड़ा, जो कथित रूप से फर्जी सबूतों और झूठे बयानों पर आधारित थे। रंधावा का दावा है कि ये कार्रवाइयां राजनीतिक रूप से प्रेरित थीं, खासकर फेयरफील्ड सिटी काउंसिल के लिए उनकी उम्मीदवारी को निशाना बनाया गया था।

ट्रैवल कंपनी ने 6 जून को जारी एक बयान में कहा कि मुकदमे के दौरान जांचकर्ता शर्ली वेबर ने गवाही दी कि एम एंड के ट्रैवल ने कई रेगुलेटरी जरूरतों को पूरा किया। जैसे कि ट्रैवल के विक्रेता के रूप में रजिस्टर्ड होना। आवश्यक ट्रस्ट और ऑपरेटिंग खाते बनाए रखना। इन पुष्टि के बावजूद वेबर ने 2006 और 2017 के बीच कई बार एम एंड के ट्रैवल के रजिस्ट्रेशन को विशिष्ट कोड उल्लंघन का उल्लेख किए बिना बार-बार सस्पेंड कर दिया। इसने कंपनी की कानूनी और वित्तीय समस्याओं को और खराब कर दिया।

रंधावा ने सार्वजनिक रूप से जांच में वेबर की भूमिका की आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुकदमे के दौरान वेबर की गवाही ने एम एंड के ट्रैवल और उसके अधिकारियों के प्रति साफ पूर्वाग्रह और व्यक्तिगत दुश्मनी दिखाई। उन्होंने वेबर पर कंपनी के खिलाफ आधारहीन मुकदमेबाजी करके अपने अधिकार का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया।

रंधावा ने अब अपीलीय अदालत के फैसले पर राहत व्यक्त की है। इसे न्यायिक अतिरेक और अभियोजन पक्ष के दुर्व्यवहार का लंबे समय से प्रतीक्षित सुधार के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटॉर्नी जनरल के झूठे आरोपों ने मेरी प्रतिष्ठा और ईमानदारी को अन्यायपूर्ण तरीके से धूमिल किया है।

Comments

ADVERTISEMENT

 

 

 

ADVERTISEMENT

 

 

E Paper

 

Related