प्रमिला जयपाल / Wikimedia commons
अमेरिकी सांसद प्रमिला जयपाल ने देश के सबसे अमीर लोगों पर टैक्स लगाने की मांग फिर से उठाई है। उन्होंने 26 मार्च को सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन और सांसद ब्रेंडन एफ. बॉयल के साथ मिलकर अल्ट्रा मिलेनियर टैक्स एक्ट दोबारा पेश किया है। इस बिल का मकसद 5 करोड़ डॉलर यानी लगभग 400 करोड़ रुपये से ज्यादा संपत्ति रखने वाले लोगों पर हर साल टैक्स लगाना है।
बिल के मुताबिक 50 मिलियन डॉलर से ज्यादा संपत्ति पर 2 प्रतिशत सालाना टैक्स लगेगा। अगर किसी की संपत्ति 1 बिलियन डॉलर यानी 100 करोड़ डॉलर से ज्यादा है तो उस पर अतिरिक्त 1 प्रतिशत टैक्स लगेगा। यानी ऐसे लोगों पर कुल टैक्स 3 प्रतिशत सालाना हो जाएगा। कानून बनाने वाले नेताओं का कहना है कि इससे अगले 10 साल में करीब 6.2 ट्रिलियन डॉलर जुटाए जा सकते हैं।
इस पैसे का इस्तेमाल चाइल्ड केयर, फ्री कम्युनिटी कॉलेज, हाउसिंग, पेड फैमिली लीव और मेडीकेयर जैसे कार्यक्रमों में किया जा सकता है। जयपाल ने कहा कि जब आम परिवार महंगाई, टैरिफ और बढ़ती कीमतों से परेशान हैं तब अरबपतियों की दौलत लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे अमीर देश है, लेकिन यह संपत्ति बहुत कम लोगों के पास केंद्रित है।
उन्होंने कहा कि यह बिल अमीरों पर टैक्स लगाकर बराबरी लाने और हेल्थकेयर, शिक्षा, साफ ऊर्जा और हाउसिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने में मदद करेगा। जयपाल और अन्य डेमोक्रेट नेताओं ने इस बिल को अमेरिका में बढ़ती आर्थिक असमानता का जवाब बताया। उन्होंने अर्थशास्त्री इमैनुएल सैज और गेब्रियल जुकमैन के विश्लेषण का हवाला दिया। इसके अनुसार अमेरिका के सबसे अमीर 0.1 प्रतिशत लोगों के पास लगभग उतनी ही संपत्ति है जितनी नीचे के 90 प्रतिशत परिवारों के पास मिलकर है।
इस बिल का असर करीब 2.6 लाख परिवारों पर पड़ेगा, जो अमेरिका के सबसे अमीर 0.15 प्रतिशत लोग हैं। बिल में टैक्स चोरी रोकने के भी प्रावधान हैं। इसके तहत IRS को 100 मिलियन डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग दी जाएगी। साथ ही अगर कोई अमीर व्यक्ति टैक्स से बचने के लिए अमेरिकी नागरिकता छोड़ता है तो उस पर 40 प्रतिशत एग्जिट टैक्स लगाया जाएगा।
वॉरेन ने कहा कि यह प्रस्ताव टैक्स सिस्टम को ज्यादा न्यायपूर्ण बनाने के लिए है। उन्होंने कहा कि जब अरबपति और अमीर होते जा रहे हैं, तब आम लोग दबाव में हैं। यह बिल न्याय और बराबरी की दिशा में कदम है। वहीं बॉयल ने कहा कि मौजूदा टैक्स सिस्टम अमीरों के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए कि एक सेक्रेटरी अपने CEO से ज्यादा टैक्स दे।
इस बार इस बिल को 45 से ज्यादा सांसदों का समर्थन मिला है जिसमें 10 सीनेटर और 39 हाउस मेंबर शामिल हैं। यह अब तक का सबसे बड़ा समर्थन माना जा रहा है। इसके अलावा लगभग 40 यूनियन और संगठन भी इस बिल के समर्थन में हैं। इनमें AFL-CIO, AFSCME, SEIU, Public Citizen और Patriotic Millionaires शामिल हैं।
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