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बॉन्डी बीच हमला: आरोपी नवीद अकरम की पेशी, 15 हत्याओं समेत 59 मामलों में आरोपित

अदालत के बाहर नवीद अकरम के वकील बेन आर्चबोल्ड ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि उनका मुवक्किल अपना गुनाह कबूल करेगा या नहीं।

नवीद अकरम / X/@DrewPavlou

सिडनी के प्रतिष्ठित बॉन्डी बीच पर हुए भीषण आतंकी हमले के मुख्य आरोपी नवीद अकरम को सोमवार को पहली बार अदालत के सामने पेश किया गया। 24 वर्षीय अकरम पर 14 दिसंबर, 2025 को हुए इस हमले के संबंध में कुल 59 गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिसमें 15 लोगों की हत्या और एक आतंकवादी कृत्य को अंजाम देने का मामला शामिल है।

अकरम की यह पेशी वीडियो लिंक के माध्यम से सिडनी की एक स्थानीय अदालत में हुई। वह वर्तमान में एक उच्च सुरक्षा वाली 'सुपरमैक्स' जेल में बंद है, जहाँ उसे अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद स्थानांतरित किया गया था। सुनवाई के दौरान अकरम ज्यादातर समय शांत रहा और उसने केवल तभी अपनी चुप्पी तोड़ी जब मजिस्ट्रेट ने उससे सीधा सवाल पूछा।

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अदालती दस्तावेजों के अनुसार, पुलिस का आरोप है कि नवीद अकरम और उसके पिता साजिद अकरम ने पिछले साल दिसंबर में बॉन्डी बीच पर यहूदी त्योहार 'हनुक्का' के जश्न के दौरान राइफलों और शॉटगन से अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि दर्जनों अन्य घायल हुए थे। साजिद अकरम को पुलिस ने घटनास्थल पर ही जवाबी कार्रवाई में मार गिराया था।

जांच में यह भी सामने आया है कि पिता-पुत्र की इस जोड़ी ने हमले को अंजाम देने से पहले एक ग्रामीण इलाके में हथियारों का कड़ा अभ्यास किया था। पुलिस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जिनसे पता चलता है कि उन्होंने इस बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए पूरी योजना तैयार की थी।

इस बीच, ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) के महानिदेशक माइक बर्गेस ने एक संसदीय सुनवाई के दौरान बताया कि हमलावरों ने अपनी साजिश को छिपाने के लिए उच्च स्तर की सतर्कता बरती थी। बर्गेस के अनुसार, हमलावर पूरी तरह से "रडार से बाहर" (Going Dark) हो गए थे, जिसके कारण खुफिया एजेंसियों को हमले से पहले उनके इरादों की कोई भनक नहीं लग सकी।

अदालत के बाहर नवीद अकरम के वकील बेन आर्चबोल्ड ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अभी यह कहना बहुत जल्दबाजी होगी कि उनका मुवक्किल अपना गुनाह कबूल करेगा या नहीं। फिलहाल अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 8 अप्रैल तक के लिए टाल दी है, तब तक आरोपी को हिरासत में ही रहना होगा।

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