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बाइडन प्रशासन ने भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती के लिए पूर्व राजदूत संधू को सराहा

व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति कार्यालय के निदेशक राहुल गुप्ता ने कहा कि राजदूत संधू आपने भारत की अच्छी सेवा की है और हजारों-हजार फूलों के खिलने के लिए आधार तैयार किया। आपके नेतृत्व, आपकी उपलब्धि और आधार तैयार करने के लिए धन्यवाद।

 पूर्व राजदूत संधू के सम्मान में 22 जनवरी को इंडिया हाउस में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया था।  पूर्व राजदूत संधू के सम्मान में 22 जनवरी को इंडिया हाउस में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। / Image : X@Taranjit Singh Sandhu

अमेरिका में भारत के राजदूत रहे तरनजीत संधू की बाइडन प्रशासन के अधिकारियों ने जमकर प्रशंसा की है। भारत-अमेरिका संबंधों की मजबूती के लिए संधू की तारीफ करते हुए बाइडन प्रशासन अधिकारियों ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों की बगिया में मजबूती और सौहार्द के 'हजारों फूल खिलाने' के लिए पूर्व राजदूत ने जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण काम किया है। 

पूर्व राजदूत संधू के सम्मान में 22 जनवरी को इंडिया हाउस में एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। संधू इस महीने के अंत में तीन दशकों से अधिक के अपने शानदार करियर के बाद विदेश सेवा से सेवानिवृत्त होंगे। विदाई समारोह में बाइडन प्रशासन और थिंक-टैंक समुदाय के अधिकारियों ने भाग लिया।

व्हाइट हाउस में राष्ट्रीय औषधि नियंत्रण नीति कार्यालय के निदेशक राहुल गुप्ता ने कहा कि राजदूत संधू आपने भारत की अच्छी सेवा की है और हजारों-हजार फूलों के खिलने के लिए आधार तैयार किया। आपके नेतृत्व, आपकी उपलब्धि और आधार तैयार करने के लिए धन्यवाद।

राजनीतिक मामलों के राज्य अवर सचिव विक्टोरिया नूलैंड ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि इस शहर में ऐसा कोई दूसरा राजदूत है (संधू जैसा) जो हमारे डीएम (डायरेक्ट मैसेज), हमारे सिग्नल और हमारे व्हाट्सएप में दोनों देशों के रिश्ते मजबूत करने के लिए नए विचारों के साथ इतना सक्रिय, रचनात्मक और आगे रहा हो। 

अमेरिकी वायु सेना सचिव फ्रैंक केंडल ने कहा कि संधू ने इस रिश्ते में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले कुछ वर्षों में हमारी मित्रता भी बढ़ी है क्योंकि दोनों देशों के साथ हमारे संबंध बढ़े हैं। केंडल ने कहा कि गुप्ताजी ने संबंधों के बागीचे की बात है तो मुझे लगता है कि यह बागीचा परिपक्व हो गया है। सुंदर फूलों के अलावा इस बागीचे में कुछ फल और सब्जियां भी हैं जो वर्तमान और भविष्य के लिहाज से बहुत 'पौष्टिक' हैं। 

इन टिप्पणियों के जवाब में पूर्व राजदूत ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध अब परिपक्व हो चुके हैं। यह एक बड़ी संतुष्टि की बात है। ये संबंध एक बाग की तरह ही हैं। और इस बाग का बहुत करीने से खयाल रखा जा रहा है। यह सही है कि वक्त के साथ कुछ चुनौतियां आती हैं लेकिन अंत में फूल खिल रहे हैं।

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