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अमेरिका ने दो भारतीय शिप मैनेजमेंट कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध, क्या है वजह?

अमेरिका ने रूस को आर्थिक चोट पहुंचाने के लिए बड़ी कार्रवाई की है। दो भारतीय शिपिंग कंपनियों, स्काईहार्ट और एविजन पर रूस के आर्कटिक LNG प्रोजेक्ट में मदद करने का आरोप लगाते हुए उन पर बैन लगा दिया गया है।

अमेरिकी विदेश विभाग / Facebook-U.S. Department of State

अमेरिका ने दो भारतीय शिप मैनेजमेंट कंपनियों स्काईहार्ट मैनेजमेंट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड और एविजन शिपिंग सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। इन कंपनियों पर रूस के आर्कटिक LNG 2 प्रोजेक्ट से तरल प्राकृतिक गैस (LNG) के ट्रांसपोर्ट (ढोने) में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। ये प्रोजेक्ट रूस की एक बड़ी कंपनी Novatek की अहम ऊर्जा पहल है। 

आर्कटिक क्षेत्र में स्थित आर्कटिक LNG 2 प्रोजेक्ट रूस के नेचुरल गैस निर्यात का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। आरोप है कि यह देश की सैन्य गतिविधियों, खासकर यूक्रेन में जारी युद्ध के लिए धन देता है। अमेरिका का दावा है कि इन भारतीय कंपनियों ने रूसी ऊर्जा परियोजनाओं के साथ व्यापार को प्रतिबंधित करने के लिए बनाए गए नियमों का उल्लंघन किया है, जो क्रेमलिन के युद्ध प्रयासों के लिए रेवेन्यू जुटाने का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।

रूस के ऊर्जा रेवेन्यू को निशाना बनाने के व्यापक प्रयासों के हिस्से के रूप में अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 150 से अधिक व्यक्तियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए हैं। साथ ही 183 जहाजों को भी ब्लॉक कर दिया है। इनमें Skyhart और Avision से जुड़े जहाज भी शामिल हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने विशेष रूप से दो जहाजों - प्रवासी और ओनिक्स - की पहचान की है, जो कथित तौर पर Avision द्वारा संचालित हैं। इसके साथ ही ये कथित तौर पर आर्कटिक LNG 2 परियोजना से LNG के परिवहन में शामिल थे। 

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी जेनेट येलेन ने बताया कि अमेरिका यूक्रेन के खिलाफ युद्ध को फंड देने के लिए रूस के प्रमुख रेवेन्यू सोर्स के खिलाफ व्यापक कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ये प्रतिबंध रूस के एनर्जी रेवेन्यू को रोकने की अमेरिकी रणनीति का ही एक हिस्सा हैं, जो 2022 में शुरू की गई G7+ मूल्य सीमा जैसे पिछले उपायों पर आधारित हैं। येलेन ने यह भी कहा कि नए प्रतिबंधों का मकसद रूस के तेल व्यापार से जुड़े जोखिमों को बढ़ाना है, जिसमें रूसी ऊर्जा निर्यात के लिए शिपिंग और वित्तीय सहायता शामिल हैं। 

अमेरिकी विदेश विभाग भी रूस के रेवेन्यू को कम करने के अपने प्रयासों को तेज कर रहा है। इसके लिए वो दो सक्रिय LNG परियोजनाओं और एक बड़ी रूसी तेल परियोजना को ब्लॉक कर रहा है। इसके अलावा, रूस के ऊर्जा निर्यात का समर्थन करने वाली कई तीसरे देशों की संस्थाओं और रूस के स्टेट एटॉमिक एनर्जी कॉरपोरेशन रोसाटॉम के प्रमुख लोगों पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं।

ये प्रतिबंध कार्यकारी आदेश 14024 का हिस्सा हैं, जो अमेरिका को रूसी सरकार से जुड़ी हानिकारक गतिविधियों में शामिल विदेशी संस्थाओं को निशाना बनाने की अनुमति देता है। अमेरिकी सरकार ने रूस के सैन्य-औद्योगिक आधार और अपने युद्ध प्रयासों के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय व्यवस्था का दोहन करने की उसकी क्षमता को बाधित करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग जारी रखने का वादा किया है।

 

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