कार्यक्रम का पोस्टर / USICC
ऑस्टिन में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट 2026 ने साफ कर दिया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की नहीं, बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है। यूएस–इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑस्टिन के इस तीसरे वार्षिक सम्मेलन में 250 से अधिक टॉप एंटरप्राइज लीडर्स, स्टार्टअप फाउंडर्स, निवेशक और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स एक मंच पर जुटे। आधे दिन चले इस कार्यक्रम में एक ही संदेश उभरा- AI के अगले वैश्विक अध्याय की नींव टेक्सास में रखी जा रही है।
तकनीक के तीन युग
समिट की शुरुआत करते हुए यूएस–इंडिया चैंबर ऑफ कॉमर्स ऑस्टिन के चेयरमैन और अवसांट के मैनेजिंग पार्टनर अनुपम गोविल ने AI को मानव इतिहास का तीसरा बड़ा तकनीकी मोड़ बताया। उन्होंने कहा, “पहले इंटरनेट आया, फिर मोबाइल क्रांति हुई और अब AI का दौर है। लेकिन AI का प्रभाव इन दोनों से कहीं ज्यादा बड़ा होने वाला है।”
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गोविल ने भारत के 150 अरब डॉलर के AI निवेश और मेटा के 125 अरब डॉलर के कमिटमेंट का जिक्र करते हुए कहा कि AI की “रॉकेट शिप” उड़ान भर चुकी है। साथ ही उन्होंने चेताया,
“AI एक जंगली घोड़े की तरह है—अगर इसे काबू में किया तो दोस्त, नहीं तो दुश्मन बन सकता है।”
रफ्तार का दौर: हर दिन बदलती AI
डेल टेक्नोलॉजीज के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट विवेक मोहिंद्रा ने अपने कीनोट में AI की रफ्तार को चौंकाने वाला बताया। उन्होंने कहा, “जो मॉडल एक साल पहले सबसे बेहतर था, आज उससे बेहतर 30 से ज्यादा मॉडल मौजूद हैं।”
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